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कोलकाता SRFTI में 25 दिन से विद्यार्थियों का धरना जारी, बुनियादी सुविधाओं से रोकने का लगाया आरोप

Published: Thu, 22 Oct 2026 08:20 PM (IST)

कोलकाता के सत्यजीत रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एसआरएफटीआइ) में विद्यार्थी 25 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर हैं।

एसआरएफटीआइ में विद्यार्थियों का 25 दिनों से धरना जारी

एसआरएफटीआइ में विद्यार्थियों का 25 दिनों से धरना जारी

HighLights

  1. एसआरएफटीआइ में विद्यार्थियों का 25 दिनों से धरना जारी है।

  2. छात्रों ने बुनियादी सुविधाओं से वंचित करने का आरोप लगाया।

  3. प्रशासन ने मेस, जिम, संगीत कक्ष तक पहुंच रोकी।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कोलकाता में केंद्र सरकार के अधीन सत्यजीत रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एसआरएफटीआइ) परिसर खाली करने के निर्देश के बावजूद अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने वाले विद्यार्थियों ने गुरुवार को आरोप लगाया कि संस्थान प्रशासन उनके आंदोलन को दबाने के लिए उन्हें बुनियादी सुविधाओं से वंचित कर रहा है।

छात्रों ने बुधवार को विजयादशमी के अवसर पर जारी एक संदेश में कहा कि संस्थान की मेस 17 अक्टूबर से बंद है जबकि प्रशासन ने जिम, संगीत कक्ष और ‘न्यू सीआरटी’ तक उनकी पहुंच भी प्रतिबंधित कर दी है। न्यू सीआरटी में छात्र फिल्में देखते हैं। छात्रों ने आरोप लगाया कि जारी आंदोलन के बीच बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच रोककर संस्थान प्रशासन सामूहिक दंड देने जैसी कार्रवाई कर रहा है।

परिसर में हिंसा की कई घटनाओं के बाद से विद्यार्थियों और संस्थान प्रशासन में जारी लंबे गतिरोध के बीच छात्रों के ये आरोप सामने आए हैं। संस्थान ने 16 अक्टूबर को जारी एक नोटिस में फिल्म तथा इलेक्ट्रानिक एवं डिजिटल मार्केटिंग (ईडीएम) विभागों में नियमित शैक्षणिक गतिविधियां 13 नवंबर तक निलंबित कर दी थीं।

साथ ही, छात्रों को 24 घंटे के भीतर छात्रावास खाली कर परिसर छोड़ने का निर्देश दिया गया था। छात्रों ने हालांकि परिसर छोड़ने से इन्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे परिसर की सुरक्षा और जवाबदेही से जुड़े मुद्दों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना और शैक्षणिक बहिष्कार जारी रखेंगे।

छात्रों के अनुसार, उनके आंदोलन का गुरुवार को 25वां दिन है। यह आंदोलन 27 सितंबर को अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत (एबीजीपी) की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुई झड़पों के बाद शुरू हुआ था। छात्रों ने एबीजीपी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ा संगठन बताया।

इसके बाद छात्रों ने परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने, हिंसा में कथित रूप से शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और घटनाओं की स्वतंत्र जांच कराने के संबंध में लिखित आश्वासन देने की मांग पर आंदोलन शुरू किया था।

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