कोलकाता: 'हमें पाकिस्तानी और बांग्लादेशी कहा गया' SRFTI में बाहरी लोगों के साथ झड़प में 30 छात्र घायल
कोलकाता के सत्यजीत राय फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत (ABGP) के कार्यक्रम के दौरान छात्रों और ABGP सदस्यों के बीच हिंसक झड़प हुई।
HighLights
SRFTI कोलकाता में ABGP कार्यक्रम के दौरान हिंसक झड़प हुई
झड़प में 30 छात्र और 2 प्रोफेसर घायल, दो अस्पताल में भर्ती
छात्रों ने ABGP सदस्यों पर मारपीट और अपशब्दों का आरोप लगाया
डिजिटल डेस्क, कोलकाता। कोलकाता स्थित सत्यजीत राय फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) के ऑडिटोरियम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आरएसएस से संबद्ध संगठन अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत (ABGP) सदस्यों और छात्रों के बीच हिंसक झड़प हो गई।
जिसमें कम से कम 30 छात्र और दो प्रोफेसर घायल हो गए। घायल छात्रों में से दो को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके को घेरकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बता दें कि एबीजीपी आरएसएस से संबद्ध उपभोक्ता जागरूकता संस्था है, जिसने परिसर में एक कार्यक्रम के लिए सभागार बुक किया था। सभागार किराए पर देने के विरोध में यह विवाद शुरू हुआ जो मारपीट और पथराव में बदल गया।
इस घटना में घायल 25 छात्रों को देसुन अस्पताल ले जाया गया, जहां दो को भर्ती किया गया और प्राथमिक उपचार के बाद बाकी को छुट्टी दे दी गई। पीयरलेस अस्पताल की एक टीम ने परिसर में ही पांच अन्य छात्रों को प्राथमिक उपचार प्रदान किया।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
SRFTI छात्र संघ की अध्यक्ष ब्लॉसम हजारिका ने बताया कि संस्थान के मुख्य सभागार को एबीजीपी को किराए पर देने के फैसले के बारे में छात्रों को अंधेरे में रखा गया था।
उन्होंने कहा, “हमारी समझ से बाहर है कि प्रशासन ने रविवार के दिन भी किसी गैर-फिल्म कार्यक्रम के लिए परिसर की जगह क्यों किराए पर दी। हमने प्रशासन के इस फैसले का विरोध करते हुए पोस्टर लगाए थे, लेकिन स्थिति तब और बिगड़ गई जब एबीजीपी के सदस्यों ने हमसे झड़प शुरू कर दी।”
कार्यक्रम शुरू होने के बाद जैसे ही छात्र पोस्टर लेकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, विवाद बढ़ गया। छात्रों ने आरोप लगाया कि एबीजीपी कार्यकर्ताओं ने उनका पीछा किया, उनके साथ मारपीट की और उन पर ईंटें फेंकीं।
हमें राष्ट्रविरोधी और पाकिस्तानी कहा गया
निर्देशन विभाग के छात्र मानस रुइदास ने आपबीती बताते हुए कहा, "हमें 'राष्ट्रविरोधी', ' दिमागी नक्सली', 'जिहादी', 'पाकिस्तानी' और 'बांग्लादेशी' जैसे अपशब्द कहे गए। उन्होंने महिला छात्राओं के सामने अश्लील इशारे किए और उन्हें बलात्कार की धमकियां दीं। उन्होंने हम सभी पर जिसमें छात्राएं भी शामिल थीं लाठियों से हमला किया।"
