राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने सदन की स्थायी समितियों की बैठकों में हिस्सा नहीं लेने को लेकर नाम लिए बिना राज्य में मुख्य विपक्षी भाजपा के विधायकों की आलोचना की है।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने देखा है कि कुछ विधायक भत्ते का लाभ उठाने के लिए स्थायी समिति की बैठकों के उपस्थिति पत्र पर हस्ताक्षर तो करते हैं, लेकिन उसमें शामिल नहीं होते। उन्होंने कहा, यह अस्वीकार्य है... । स्थायी समिति की बैठकें महत्वपूर्ण मुद्दों और नीतियों पर चर्चा करने के लिए की जाती हैं। मैं सभी विधायकों से उसमें शामिल होने का अनुरोध करता हूं। विधानसभा के मानदंडों के अनुसार, एक विधायक दो समितियों-विभागीय स्थायी समिति और सदन की एक समिति का सदस्य होता है।

वहीं, अध्यक्ष की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए संसदीय मामलों के मंत्री शोवनदेव चट्टोपाध्याय ने कहा कि यह विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक हैं, जो इस तरह की बैठकों में शामिल नहीं होते और नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी को इस पर ध्यान देना चाहिए।

वहीं, भाजपा के मुख्य सचेतक मनोज तिग्गा ने कहा कि उनकी पार्टी के अधिकांश विधायक स्थायी समितियों की बैठकों में नियमित रूप से शामिल होते रहे हैं। बता दें कि विधानसभा अध्यक्ष बनर्जी ने पहले भी सदन के सत्र में नियमित रूप से हिस्सा नहीं लेने को लेकर विधायकों की आलोचना की थी।बता दें कि विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने इससे पहले बीते सोमवार को विधायकों से किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन के लिए सदन में पोस्टर लाने से परहेज करने का आग्रह किया था और कहा कि ऐसा करना सदन के नियमों के खिलाफ है।

विधायकों ने पिछले हफ्ते सदन में पोस्टरों के साथ विरोध प्रदर्शन किया था जिससे सदन की कार्यवाही ठप हो गई थी और बनर्जी ने प्रदर्शन के इस तरीके पर आपत्ति जताई थी।विधानसभा अध्यक्ष ने पत्रकारों से बातचीत में मामले पर नाराजगी जताई थी।बनर्जी ने सोमवार को सत्र के दौरान विधायकों के लिए सदन में लागू नियम-कायदों को पढ़ा।

उन्होंने कहा, सदन में नारेबाजी, पोस्टर लाने या धरना देने की अनुमति नहीं है। मैं सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के विधायकों से सदन में उचित आचरण बनाए रखने का आग्रह करूंगा।

Edited By: Priti Jha