जागरण संवाददाता, कोलकाता। महानगर में एसटीएफ ने बड़े मादक पदार्थ तस्कर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह तस्करों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से लाखों रुपये की प्रतिबंधित दवा बरामद की गई है। सूत्रों के अनुसार मुखबिर की सूचना पर शनिवार सुबह कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने मैदान थानांतर्गत ईडन गार्डेस के पास से छह लोगों को मादक दवाओं की खरीद-फरोख्त करते रंगे हाथों दबोच लिया। तलाशी में उनके पास से 2 हजार 'इयावा' टैब्लेट बरामद हुई, जिसकी कीमत लाखों में बताई गई है।

पूछताछ में उन्होंने अपने नाम अब्दुल राशिद (25), अब्दुल शाहिद (50), अब्दुल जाहिद (32), राजू अहमद (26), नारायण मंडल (35) तथा साबिर शेख (27) बताए। इनमें से राजू बांग्लादेश का नागरिक है। नारायण मंडल मालदा तथा बाकी के चारों इकबालपुर और मौमिनपुर के निवासी हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार नारायण के साथ इकबालपुर और मौमिनपुर के तस्करों ने इयावा खरीदने के लिए संपर्क साधा था। इसके बाद नारायण ने इसकी सूचना बांग्लादेशी तस्कर गिरोह के सदस्य राजू अहमद को दी थी। मामला तय हो जाने के बाद दोनों इयावा खरीदने के लिए शनिवार सुबह कोलकाता पहुंचे थे। एसटीएफ को आशंका है कि बरामद मादक दवाओं को महानगर में ही तैयार किया जा रहा है। इसकी तह तक पहुंचने के लिए आरोपितों से पूछताछ की जा रही है।

जानकारों का कहना है कि 'इयावा' में मथमफेटामीन और कैफीन होता है। इसे मैडनेस ड्रग के नाम से भी जाना जाता है। इसकी बांग्लादेश में सबसे अधिक मांग है। इयावा को म्यांमार से मंगाया जाता है, जो असम, मणिपुर के रास्ते भारत में पहुंचता है। इसके बाद इस ड्रग की कोलकाता के रास्ते बांग्लादेश में तस्करी की जाती है। बांग्लादेश में इयावा को 'पिल', 'बाबा', 'लाल', 'चक्का', 'गुटी' व 'बढ़ी' के नाम से जाना जाता है। वर्ष 2016 में 359 रोहिंग्या को इयावा की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।