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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

संदेशखाली मामला : बशीरहाट में बीजेपी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प, लाठीचार्ज में प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार घायल

By Jagran News Edited By: Siddharth Chaurasiya
Published: Wed, 14 Feb 2024 02:47 PM (IST)Updated: Wed, 14 Feb 2024 03:03 PM (IST)

संदेशखाली हुई हिंसा को लेकर हंगामा जारी है। संदेशखाली हिंसा के विरोध में वहां जा रहे भाजपा की बंगाल इकाई ...और पढ़ें

पुलिस और बीजेपी कार्यकर्ताओं की झड़प में सुकांत मजूमदार भी घायल हो गए।
पुलिस और बीजेपी कार्यकर्ताओं की झड़प में सुकांत मजूमदार भी घायल हो गए।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। संदेशखाली हुई हिंसा को लेकर, हंगामा जारी है। संदेशखाली हिंसा के विरोध में वहां जा रहे भाजपा की बंगाल इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार भी चोटिल हो गए हैं। वह पुलिस के साथ हुई झड़प में चोटिल हो गए। यहां पुलिस एवं भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई थी। आरोप है कि इस के चलते पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था। सुकांत मजूमदार को बशीरहाट मल्टी-फैसिलिटी हास्पिटल ले जाया गया है।

बशीरहाट में चोटिल होने के बाद उन्हें हास्पिटल ले जाया गया था। जहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। अब भाजपा अध्यक्ष को उपचार के लिए कोलकाता ले जाए जाने की तैयारी है। इससे पहले मजूमदार ने आरोप लगाया था कि बंगाल पुलिस ने उन्हें उत्तर 24 परगना जिले के अशांत संदेशखाली जाने से रोकने के लिए उनके लाज की घेराबंदी कर दी थी। मजूमदार ने प्रदर्शनकारियों से मिलने के लिए दोपहर के पश्चात् संदेशखाली जाने की घोषणा की थी। एसपी कार्यालय के घेराव के चलते बशीरहाट में भाजपा समर्थकों की पुलिस से झड़प के एक दिन पश्चात, बंगाल पुलिस ने बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार को ताकी में गेस्ट हाउस छोड़ने से रोक दिया था।

भाजपा नेताओं को रोकने के लिए यहां भारी पुलिस तैनाती की गई है। शांति बनाए रखने के लिए संदेशखाली के कुछ हिस्सों में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। सुकांत मजूमदार संदेशखाली जाना चाहते हैं, मगर उन्हें रोका जा रहा है। चोटिल होने से पहले मीडिया से चर्चा के दौरान सुकांत मजूमदार ने कहा कि, "बशीरहाट और पश्चिम बंगाल के कई अन्य जगहों में हिंदुओं को गुप्त रूप से प्रार्थना करनी पड़ती है। दुर्गा पूजा के चलते प्रतिमा विसर्जन को ममता बनर्जी ने पहले ही रोक दिया है, उन्होंने एक बार तारीख बदल दी है। यह ममता बनर्जी की गंदी राजनीति है। वह सिर्फ तुष्टीकरण की राजनीति के बारे में सोचती हैं, लोगों के विकास के बारे में नहीं। मैं संदेशखाली जाने का प्रयास करूंगा, देखूंगा कि क्या पुलिस मुझे रोकने का प्रयास करती है। उधर, भाजपा आइटी सेल प्रमुख,  अमित मालवीय ने एक्स पर पोस्ट किया।

उन्होंने लिखा कि बंगाल पुलिस ने सारी हदें पार कर दी हैं। उन्होंने ममता बनर्जी को खुश करने के लिए हर नियम का उल्लंघन किया है। पुलिस के साथ झड़प में भाजपा बंगाल के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार को चोटें आईं तथा वे बेहोश हो गए। उनकी टीम पर हमला किया गया। उन्हें हास्पिटल ले जाया गया है। ममता बनर्जी एवं पश्चिम बंगाल पुलिस को बता दें कि वे संदेशखाली की महिलाओं के लिए न्याय के लिए बीजेपी के आंदोलन को कुचल नहीं सकते। हम पश्चिम बंगाल में महिलाओं को ममता बनर्जी के आपराधिक सिंडिकेट की वासना की वस्तु नहीं बनने देंगे। लड़ाई जारी रहेगी।

गौरतलब है कि यह संघंर्ष तब शुरू हुआ जब पार्टी कार्यकर्ता संदेशखाली में प्रवेश करने से रोके जाने के बाद पुलिस कर्मियों से भिड़ गए, जहां महिलाएं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता शाजहां शेख और उनके सहयोगियों द्वारा उनके खिलाफ किए गए कथित अत्याचारों को लेकर आंदोलन कर रही हैं।

इससे पहले दिन में बंगाल पुलिस ने सुकांत मजूमदार को उत्तर 24 परगना जिले के ताकी में एक गेस्ट हाउस से बाहर निकलने से रोक दिया। भाजपा नेताओं को संदेशखाली की ओर जाने से रोकने के लिए भारी पुलिस तैनाती की गई, जहां धारा 144 लागू कर दी गई है। हालांकि, भाजपा नेताओं ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया और संदेशखाली की ओर अपना मार्च जारी रखा, जिससे पुलिस के साथ झड़प हुई।

संदेशखाली मामले पर बीजेपी का हमला

बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ममता सरकार और तृणमूल कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने पश्चिम बंगाल की ममता सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देकर पुलिस को कमजोर करने का आरोप लगाया।

उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "पश्चिम बंगाल में हमारी जनजातीय बहनों (खासकर हिंदू बहनों) के साथ टीएमसी के गुंडे दिनदहाड़े शोषण और दुष्कर्म कर हैं और सूबे की मुख्यमंत्री मूकदर्शक बनी हुई हैं, ये बहुत ही चिंताजनक है। ममता सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है। पश्चिम बंगाल में जंगलराज चल रहा है।"

बीजेपी नेता ने टीएमसी और ममता सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "एक तरफ मोदी सरकार जनजातीय समुदाय को मजबूत कर रही है, मुख्यधारा से जोड़ रही है, उनका सशक्तिकरण कर रही है। दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल में गैरकानूनी तरीके से जबरन जनजातीय समुदाय की जमीने छीनी जा रही है। सवाल ये है कि ममता बनर्जी को जनजातीय समुदाय, पिछड़े और दलित समाज से इतनी नफरत क्यों है?"

गौरव भाटिया ने कहा, "संदेशखाली में जिन महिलाओं का शोषण किया गया, जिनके साथ दुष्कर्म हुआ, उनके परिजनों के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर दी गई, ताकि डरा-धमकाकर इस मामले को दबा दिया जाए। ममता बनर्जी महिला मुख्यमंत्री होते हुए भी बंगाल में टीएमसी के गुंडों को महिलाओं के खिलाफ अत्याचार करने की छूट दे रखी है।"