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दार्जिलिंग के संदकफू में फिर एक पर्यटक की मौत, एंबुलेंस और स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल

Published: Fri, 23 Oct 2026 07:04 PM (IST)

दार्जिलिंग के संदकफू में एक और पर्यटक की सांस लेने में तकलीफ के कारण मौत हो गई, जो एक महीने में दूसरी ऐसी घटना है।

दार्जिलिंग में पर्यटक की मौत के बाद स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल

दार्जिलिंग में पर्यटक की मौत के बाद स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल

HighLights

  1. पर्यटक बुबाई पाल की संदकफू के टुमलिंग में सांस लेने में तकलीफ से मौत।

  2. एक महीने से भी कम समय में संदकफू क्षेत्र में यह दूसरी पर्यटक मौत है।

  3. पर्वतीय क्षेत्र में स्थायी एंबुलेंस और प्राथमिक उपचार केंद्र की मांग उठी।

जागरण संवाददाता, दार्जिलिंग। दार्जिलिंग के संदकफू और आसपास के पर्वतीय पर्यटन क्षेत्रों में पर्यटकों की सुरक्षा और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

करीब 10 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित टुमलिंग में बारासात निवासी 48 वर्षीय पर्यटक की सांस लेने में तकलीफ के कारण मौत हो गई। मृतक पर्यटक का नाम बुबाई पाल है।

एक महीने से भी कम समय में संदकफू क्षेत्र में पर्यटक की मौत की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 30 सितंबर को कूचबिहार जिले के तूफानगंज निवासी 27 वर्षीय परितोष अधिकारी की संदकफू के निकट आहलडारा इलाके में सांस लेने में गंभीर परेशानी के बाद मौत हो गई थी। बताया गया था कि उस समय उनके रक्त में आक्सीजन का स्तर गिरकर 32 प्रतिशत तक पहुंच गया था।

इस घटना के बाद सिंगालीला लैंड रोवर ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष चंदन प्रधान ने पर्वतीय क्षेत्र में स्थायी एंबुलेंस सेवा शुरू करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि पर्यटन सीजन के दौरान इस इलाके में पर्यटकों की भारी भीड़ रहती है और लगभग सभी गाड़ियां पहले से बुक रहती हैं। ऐसे में आधी रात को या अचानक किसी पर्यटक की तबीयत बिगड़ने पर तत्काल वाहन की व्यवस्था करना बेहद मुश्किल हो जाता है।

उन्होंने कहा कि दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में स्थायी एंबुलेंस सेवा उपलब्ध होने से आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को जल्द अस्पताल पहुंचाने में मदद मिलेगी। मौजूदा व्यवस्था में समय पर परिवहन की सुविधा नहीं मिलना गंभीर चुनौती बन सकता है।

स्थानीय लोगों ने इस क्षेत्र में प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित करने की मांग की। उनका कहना है कि ऊंचाई वाले इलाकों में पर्यटकों की तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल पहुंचाने से पहले प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराकर उनकी स्थिति स्थिर करने का प्रयास किया जा सकता है। इससे समय रहते इलाज शुरू करने में मदद मिलेगी और कई मामलों में जान बचाने की संभावना बढ़ सकती है।

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