ममता को बड़ा झटका: ऋतब्रत बनर्जी बने नेता प्रतिपक्ष , विधानसभा स्पीकर ने दी मंजूरी
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा है। विधानसभा स्पीकर ने बागी विधायक ऋतब्रत ...और पढ़ें

ऋतब्रत बनर्जी को नेता विपक्ष बनाया गया। (पीटीआई)
HighLights
ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को लगा बड़ा झटका।
विधानसभा स्पीकर ने ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष बनाया।
ऋतब्रत बनर्जी ने 60 विधायकों के समर्थन का दावा किया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ममता बनर्जी के बड़ा झटका लगा है। विधानसभा स्पीकर ने बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी को नेता विपक्ष बनाया है। ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया है कि उनको 60 विधायकों का समर्थन हासिल है।
टीएमसी से निकाले गए नेता संदीपन साहा ने कहा कि हमने अभी-अभी चिट्ठी सौंपी है। नेता प्रतिपक्ष (LoP) के लिए तय कमरा आधिकारिक तौर पर अलॉट कर दिया गया है। नेता प्रतिपक्ष अभी वहीं बैठे हैं।
#WATCH | Kolkata, West Bengal: Expelled TMC leader Sandipan Saha says, "We have just submitted the letter. The room designated for the Leader of the Opposition (LoP) has been officially allotted. The LoP is currently seated there... It is our desire that Mamata Didi continues to… pic.twitter.com/Fdb0MLEEv4
— ANI (@ANI) June 3, 2026
ममता बनर्जी हमारी सलाहकार बनी रहें- संदीपन साहा
संदीपन साहा ने कहा कि हमारी इच्छा है कि ममता बनर्जी हमारी सलाहकार बनी रहें और हमें अपनी सलाह देती रहें, ताकि हम, नेता प्रतिपक्ष और मुख्य सचेतक के साथ मिलकर, विधानसभा के अंदर पार्टी को प्रभावी ढंग से चला सकें।
पार्टी की बुरी हालत के लिए अभिषेक जिम्मेदार- संदीपन साहा
उन्होंने कहा कि पार्टी की जो बुरी हालत आज हो गई है, कुछ हद तक, वह अभिषेक बनर्जी की नाकामी है। आखिर, अगर जब सब कुछ अच्छा होता है तो आप उसका श्रेय लेते हैं, तो जब चीजें गलत होती हैं तो आपको उसकी जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए।
भाजपा के खिलाफ हमारा राजनीतिक संघर्ष जारी रहेगा- प्रसून बनर्जी
वहीं टीएमसी नेता प्रसून बनर्जी ने कहा ने कहा कि भाजपा के खिलाफ हमारा राजनीतिक संघर्ष बिना रुके जारी रहेगा। हमारी वैचारिक लड़ाई चलती रहेगी। इसके अलावा, जहां भी आवश्यक होगा, एक जिम्मेदार विपक्ष के रूप में सरकार के साथ हमारा सहयोग भी जारी रहेगा।
विधायकों ने सामूहिक रूप से चार नेताओं का चुनाव किया- प्रसून बनर्जी
आज आप जो देख रहे हैं वह कोई असाधारण बात नहीं है। यह केवल इस बात का प्रतीक है कि अधिकांश विधायकों ने सामूहिक रूप से चार नेताओं का चुनाव किया है जो विधानसभा में हमारा प्रतिनिधित्व करेंगे और हमारा नेतृत्व करेंगे।
उन्होंने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में, सत्ताधारी सरकार और विपक्ष दोनों का सदन में उपस्थित होना, संवाद करना और रचनात्मक बहसों में भाग लेना आवश्यक है। इसलिए, विधानसभा के सभी विधायकों ने सामूहिक रूप से यह कदम उठाने का निर्णय लिया।
