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'रिस्क लेना होगा... निवेशकों का भरोसा जीतना चुनौती', बंगाल में इंडस्ट्री से जुड़ी समस्याओं पर बोले वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता

Published: Sat, 12 Sep 2026 06:13 PM (IST)

बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा औद्योगिक प्रोत्साहनों को पूर्व प्रभाव से वापस लेने ...और पढ़ें

बंगाल की इंडस्ट्री से जुड़ी समस्याओं पर बोले वित्त मंत्री (जागरण)

बंगाल की इंडस्ट्री से जुड़ी समस्याओं पर बोले वित्त मंत्री (जागरण)

HighLights

  1. पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों ने बंगाल की औद्योगिक छवि को नुकसान पहुंचाया।

  2. औद्योगिक प्रोत्साहनों को पूर्व प्रभाव से वापस लेना सिंगुर जैसा हानिकारक था।

  3. नए निवेश हेतु निवेशकों का भरोसा जीतना और जोखिम लेना आवश्यक।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने पूर्ववर्ती वाममोर्चा व तृणमूल कांग्रेस सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व प्रभाव से औद्योगिक प्रोत्साहनों को वापस लेने और जोखिम उठाने से बचने की संस्थागत प्रवृत्ति ने राज्य की औद्योगिक छवि और विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाया है।

नए उद्योगों और निवेश को आकर्षित करने के लिए बंगाल को अपनी छवि सुधारने के साथ निवेशकों का भरोसा फिर से जीतना होगा। उन्होंने राज्य में उद्योगों के पुनरुत्थान की उम्मीद भी जताई।

दासगुप्ता ने गुरुवार को चिंतन रिसर्च फाउंडेशन की ओर से यहां बंगाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री सभागार में आयोजित ‘व्यापार, निवेश और उद्यम- बंगाल की नई विकास यात्रा’ विषयक वार्ता सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि 1970 के दशक के शुरुआती वर्षों तक बंगाल आर्थिक विकास में अग्रणी राज्यों में था, लेकिन इसके बाद स्थिति बदली।

उन्होंने कहा कि एक समय उद्योगों को प्रोत्साहन दिए गए, लेकिन बाद में उन्हें पूर्व प्रभाव से वापस ले लिया गया। इससे राज्य की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा।

उन्होंने कहा कि पूर्व प्रभाव से प्रोत्साहन वापस लेने का असर बंगाल की छवि पर उतना ही नुकसानदेह रहा, जितना सिंगुर का मामला।

Swapan Dasgupta (1)

निवेशकों का भरोसा बहाल करना चुनौती

वित्त मंत्री ने कहा कि आज जब राज्य सरकार उद्योगपतियों से बंगाल में आकर इकाइयां स्थापित करने की अपील करती है, तो निवेशक राज्य की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठाते हैं। उन्होंने कहा कि इस समस्या का समाधान करना जरूरी है। हालांकि राज्य के सामने कई बाधाएं हैं, लेकिन इन्हें दूर किया जा सकता है।

दासगुप्ता ने जोखिम से बचने की प्रवृत्ति को भी बड़ी चुनौती बताया। उनके अनुसार, जोखिम लेने को लेकर संस्थागत स्तर पर बनी हिचकिचाहट का असर समाज के साथ-साथ नौकरशाही के एक हिस्से पर भी पड़ा है। उन्होंने इसे बंगाल के औद्योगिक विकास की राह में बड़ी समस्या बताया।

चिंतन रिसर्च फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में उद्योग, निवेश और उद्यमिता के जरिए राज्य के आर्थिक विकास को नई दिशा देने पर चर्चा हुई।

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