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पश्चिम बंगाल में तारातला गोदाम ढहने का मामला, केएमसी का सिविक इंजीनियर गिरफ्तार; 16 लोगों की गई थी जान

Published: Sat, 12 Sep 2026 05:40 PM (IST)

कोलकाता पुलिस ने तारातला गोदाम ढहने के मामले में केएमसी के सब-असिस्टेंट इंजीनियर अमीनुर शेख को गिरफ्तार किया है।

केएमसी का सिविक इंजीनियर गिरफ्तार।

केएमसी का सिविक इंजीनियर गिरफ्तार।

HighLights

  1. KMC सब-असिस्टेंट इंजीनियर अमीनुर शेख तारातला मामले में गिरफ्तार।

  2. गोदाम ढहने के मामले में कुल सात लोगों की गिरफ्तारी।

  3. निर्माण मंजूरी, संरचनात्मक डिजाइन और मिट्टी जांच की हो रही जांच।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कोलकाता पुलिस ने कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के एक सब-असिस्टेंट इंजीनियर को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी दक्षिण कोलकाता के तारातला में बन रहे तीन मंजिला गोदाम के गिरने के मामले में की गई है। यह हादसा 24 जून को हुआ था, जिसमें 16 लोगों की मौत हो गई थी।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शनिवार सुबह कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाके बांसद्रोणी में स्थित घर से 28 साल के अमीनुर शेख को गिरफ्तार किया गया। उसकी गिरफ्तारी के साथ ही, गोदाम गिरने के मामले में गिरफ्तार लोगों की संख्या सात हो गई है।

अधिकारी के मुताबिक, शेख केएमसी के तहत वार्ड 80 में निर्माण कार्य के इंचार्ज थे। निर्माण की मंजूरी और उससे जुड़े दस्तावेजों में उनकी भूमिका की अब जांच की जा रही है, साथ ही जांचकर्ता यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस प्रक्रिया में और कौन-कौन शामिल था।

गोदाम गिरने के तुरंत बाद पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था। बाद में, इस मामले में केएमसी के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम के तत्कालीन ओएसडी कालीचरण बनर्जी को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि जांच में पता चला है कि निर्माणाधीन गोदाम को बिना ठीक से जांच-पड़ताल किए ही केएमसी से मंजूरी मिली थी।

जांचकर्ताओं ने इमारत के स्ट्रक्चरल डिजाइन में भी कमियां पाई हैं। इस बात पर भी सवाल उठाए गए हैं कि क्या निर्माण शुरू होने से पहले मिट्टी की ठीक से जांच की गई थी। जांचकर्ता यह देख रहे हैं कि मिट्टी की भार सहने की क्षमता और ढांचे की भार सहने की मजबूती का सही आकलन किए बिना मंजूरी कैसे दी गई।

जादवपुर यूनिवर्सिटी के स्ट्रक्चरल एक्सपर्ट्स भी जांच में शामिल थे, क्योंकि अधिकारी उन संभावित तकनीकी और प्रक्रिया संबंधी खामियों की जांच कर रहे थे, जिनकी वजह से यह हादसा हुआ। घटना ने केएमसी की निर्माण मंजूरी और निरीक्षण व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। अब जांचकर्ता अधिकारियों, ठेकेदारों और प्रोजेक्ट से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।