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बंगाल: एसआईआर सूची से हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश का नाम गायब, प्रक्रिया पर उठाए सवाल

Published: Fri, 27 Mar 2026 08:31 PM (GMT+05:30)Updated: Fri, 27 Mar 2026 08:34 PM (GMT+05:30)

कलकत्ता हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश शाहिद उल्लाह मुंशी का नाम बंगाल की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) ...और पढ़ें

बंगाल में SIR प्रक्रिया जारी

बंगाल में SIR प्रक्रिया जारी

HighLights

  1. सेवानिवृत्त न्यायाधीश शाहिद मुंशी का नाम मतदाता सूची से हटा।

  2. परिवार के अन्य सदस्यों के नाम भी गायब पाए गए।

  3. अपील प्रक्रिया की अस्पष्टता पर न्यायाधीश ने चिंता जताई।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। कलकत्ता हाई कोर्ट के हाल में सेवानिवृत्त न्यायाधीश शाहिद उल्लाह मुंशी का नाम एसआइआर की अतिरिक्त मतदाता सूची से हटा दिया गया है। इतना ही नहीं, उनकी पत्नी और दो बेटों के नाम भी सूची में शामिल नहीं किए गए हैं।

सेवानिवृत्त न्यायाधीश ने मामले को लेकर जताई नाराजगी

सेवानिवृत्त न्यायाधीश जो कि कोलकाता के एंटाली विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं, ने इस घटनाक्रम पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने बताया कि सुनवाई के दौरान उन्होंने अपना पासपोर्ट जमा किया था और अन्य दस्तावेज जैसे आधार कार्ड और पैन कार्ड भी देने की इच्छा जताई थी, लेकिन उन्हें स्वीकार नहीं किया गया। इसके बावजूद पहले उनके परिवार का नाम ‘विचाराधीन’ सूची में रखा गया और अब पूरक सूची से पूरी तरह हटा दिया गया।

अपील प्रक्रिया को लेकर दिशा निर्देश स्पष्ट नहीं : शाहिद उल्लाह मुंशी

मुंशी ने आगे कहा कि वे इस फैसले को चुनौती देने के लिए न्यायाधिकरण (ट्रिब्यूनल) का रुख करेंगे, लेकिन अपील प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देशों के अभाव पर उन्होंने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह साफ नहीं है कि आवेदन कैसे और कब तक दायर करना है, और उसका निपटारा कितने समय में होगा। मुंशी ने आम नागरिकों की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अगर मुझ जैसे पूर्व हाई कोर्ट के न्यायाधीश को इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, तो आम आदमी कहां जाएगा।

 

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