जागरण संवाददाता, हावड़ा : कभी लीज तो कभी रेलवे पार्सल के जरिए गैर कानूनी रूप से हावड़ा पहुंचने वाली विदेशी सिगरेटों की लगातार जब्ती की घटनाओं से पार्सल अफसरों की मिलीभगत की बू आने लगी है। एक बार फिर आरपीएफ और कस्टम विभाग ने संयुक्त रूप से गुड्स शेड में छापेमारी कर 26 लाख से अधिक की विदेशी सिगरेट जब्त की है।

सूत्रों के अनुसार वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त रजनीश कुमार के निर्देश पर सीआइबी और आरपीएफ लगातार विदेशी सिगरेट का गैर कानूनी धंधा करने वालों पर नजर रखी हुई है। बुधवार सुबह पुख्ता सूचना पर साउथ पोस्ट आरपीएफ इंस्पेक्टर विद्यु भूषण शर्मा के नेतृत्व में सब इंस्पेक्टर नीरज कुमार, वीके पांडे, एएसआइ आरएस सिंह की टीम ने कस्टम अधिकारी एके सरकार के साथ न्यू काम्प्लेक्स स्थित गुड्स शेड 9 में छापेमारी की। तलाशी अभियान चलाकर 9 पॉली बैग को खोला तो अंदर गत्ते के डिब्बों में बंद विदेशी सिगरेट बरामद हुई। कस्टम विभाग ने सिगरेट की कीमत 26.21 लाख आंकी है। विदेशी सिगरेट को जब्त कर लिया गया है। हालांकि इस मामले में किसी की गिरफ्तार नहीं हो सकी है। कस्टम अधिकारी ने इस बाबत रेलवे के सीपीएलआइ से भी मालूमात की। लेकिन उन्होंने जब्त विदेशी सिगरेट को रेलवे नहीं बल्कि लीज होल्डर द्वारा बुक कराए जाने का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया। बता दें कि इसी वर्ष 16 जनवरी को साउथ पोस्ट की आरपीएफ ने गुड्स शेड 9 से 30 लाख की विदेशी सिगरेट जब्त की थी।

इसके बाद 23 जनवरी को सीआइबी ने मेन पार्सल बुकिंग एरिया से 10.08 लाख की सिगरेट जब्त की थी। इस उपलब्धि पर पूर्व आइजी ने टीम को 3 हजार का पुरस्कार भी दिया था। 30 जनवरी को फिर आरपीएफ ने पार्सल एरिया से 10 लाख 22 हजार 400 रुपये कीमत की सिगरेट और 2 लाख 10 हजार की नगदी जब्त की थी। 15 मार्च में सीआइबी और आरपीएफ ने गुड्स शेड नंबर 11 में छापेमारी कर 7 लाख 36 हजार 500 रुपये कीमत की विदेशी सिगरेट को जब्त किया था। आरपीएफ द्वारा लगातार विदेशी सिगरेट जब्त करने की घटनाओं के बाद गैर कानूनी कारोबारियों के साथ पार्सल अफसरों की मिलीभगत की बू आने लगी है। हालांकि शक के दायरे में शेड में ड्यूटी बजाने वाले कुछ आरपीएफ कर्मी भी हैं।