जागरण संवाददाता, कोलकाता : गुजरात, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और आंध्र प्रदेश के बाद अब पश्चिम बंगाल सरकार ने भी पेट्रोल-डीजल के मूल्य में एक-एक रुपये की कटौती की है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को राज्य सचिवालय नवान्न में इसकी घोषणा की। नई दरें मंगलवार रात 12 बजे से लागू होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के लोगों पर लदे बोझ को कम करने के लिए यह फैसला किया गया है। ममता ने केंद्र की मोदी सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सितंबर, 2016 से अब तक केंद्र पेट्रो पदार्थों पर नौ बार आबकारी शुल्क बढ़ा चुका है। इन नौ बार में आबकारी शुल्क कुल 11 रुपये 77 पैसे बढ़ा है। सितंबर, 2016 में प्रति लीटर पेट्रोल का मूल्य 65 रुपये 12 पैसे था, जो सितंबर, 2018 तक बढ़कर 81 रुपये 60 पैसे हो गया। डीजल के दाम भी उसी तरह चढ़े। जनवरी, 2016 में एक लीटर डीजल का मूल्य 48 रुपये 80 पैसे था, जो बढ़ते-बढ़ते वर्तमान में प्रति लीटर 73 रुपये 26 पैसे हो गया है जबकि इस अवधि के दौरान बंगाल सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक पैसा भी सेल्स टैक्स और सेस नहीं बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को पेट्रोल-डीजल से अविलंब सेस हटाना चाहिए।

कुछ राज्यों द्वारा पेट्रो पदार्थों के मूल्य में की गई दो रुपये तक की कटौती पर ममता ने वहां होने जा रहे विधानसभा चुनाव की ओर इशारा किया। साथ ही यह भी कहा कि बंगाल सरकार के लिए उन राज्यों जैसी कटौती करना संभव नहीं है क्योंकि उनकी आय अधिक है।

गौरतलब है कि एक दिन पहले ही प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने सवाल किया था कि जब तृणमूल सरकार जनता की हमदर्द होने का दावा करती है तो अन्य राज्यों की तरह पेट्रोल-डीजल पर स्टेट वैट कम क्यों नहीं कर रही? मुख्यमंत्री ने सोमवार को ही इसके जवाब में कहा था कि तेल के दाम जिस तरह दिन-ब-दिन बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए स्टेट वैट कम करने से भी कोई फायदा होने वाला नहीं है लेकिन उस बयान के 24 घंटे बीतते न बीतते ममता सरकार ने यह कदम उठा लिया। इस बीच पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ना जारी है। मंगलवार को भी इसमें प्रति लीटर 14 पैसे की बढ़त दर्ज हुई। इस दिन कोलकाता में प्रति लीटर पेट्रोल का मूल्य 83.75 रुपये और डीजल का मूल्य 75.82 रुपये दर्ज हुआ, जो इस साल का सर्वोच्च है।

Posted By: Jagran