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'कश्मीरियों की रक्षा कर रहा पाकिस्तान', फारूक अब्दुल्ला के बयान पर दिलीप घोष का पलटवार; कहा- बंटवारे की राजनीति नहीं चलेगी

Published: Sun, 25 Oct 2026 08:36 PM (IST)

फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान संबंधी बयान पर बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। घोष ने कहा ...और पढ़ें

फारूक अब्दुल्ला के बयान पर दिलीप घोष का रिएक्शन

फारूक अब्दुल्ला के बयान पर दिलीप घोष का रिएक्शन

HighLights

  1. दिलीप घोष ने फारूक अब्दुल्ला के बयान पर आपत्ति जताई।

  2. घोष ने कहा, बंटवारे की राजनीति अब नहीं चलेगी।

  3. जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग, विकास प्राथमिकता।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान संबंधी बयान पर बंगाल के मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने रविवार को तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि बंटवारे की राजनीति अब नहीं चलेगी।

कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में घोष ने आरोप लगाया, 'फारूक अब्दुल्ला जैसे नेता पिछले 50-60 वर्षों से विभाजनकारी राजनीति करते आए हैं। कभी पाकिस्तान के साथ नजदीकी दिखाते हैं, तो कभी पाकिस्तान का डर दिखाकर लोगों को भयभीत करते हैं। इस तरह की राजनीति अब नहीं चलेगी।'

'पाकिस्तान कश्मीरियों की रक्षा कर रहा'

मालूम हो कि अब्दुल्ला ने शनिवार को पार्टी कार्यकर्ताओं के एक सम्मेलन में कहा था कि पाकिस्तान कश्मीरियों की रक्षा कर रहा है। उन्होंने दिल्ली से न्याय मिलने पर सवाल उठाते हुए लोगों से अपनी पहचान और अधिकारों के लिए खड़े होने की अपील की थी।

अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर में प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और कहा कि चिकित्सा स्नातकों के लिए अनिवार्य दो वर्ष की ग्रामीण सेवा से संबंधित नियम की फाइल एक साल से उपराज्यपाल के पास लंबित है।

अब्दुल्ला के बयान के बाद भाजपा नेताओं और कई अन्य संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस नेताओं ने भी अब्दुल्ला के बयान से असहमति जताते हुए जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बताया।

घोष ने कहा कि केंद्र सरकार के कार्यकाल में जम्मू-कश्मीर में बड़े बदलाव हुए हैं। आतंकवाद पर अंकुश लगा है और विकास कार्य आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि स्थानीय लोग भी इस प्रगति से संतुष्ट हैं।

घोष ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है तथा वहां विकास सुनिश्चित करना राष्ट्रीय प्राथमिकता है।

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