राज्य ब्यूरो, कोलकाता । महानगर सहित बंगाल के थोक और खुदरा बाजार में प्याज की कीमतें आसमान छू रही है। सरकारी अधिकारियों ने गुरुवार को प्याज की कमीतें घटने की संभावना व्यक्त की है। उनके अनुसार केंद्र सरकार की ओर से दूसरे देशों से नियार्यत किए गए प्याज के खेप पहुंचने पर कोलकाता सहित बंगाल के बाजार में इसकी कीमतें घटेंगी। दूसरी ओर पश्चिम बंगाल सरकार के टास्क फोर्स ने दिसंबर तक प्याज की कीमत स्थिर होने का दावा कर रहा है।

अक्त अधिकारियों ने कहा कि नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (नेफेड) ने प्याज के बफर स्टॉक के एक बड़े हिस्से को भी बंद कर दिया है, जिससे इस की मूल्य वृद्धि को बल मिला। पिछले कुछ सप्ताहों से लगातार बारिश के कारण दक्षिण भारत में फंसले नुकसान होने के कारण उत्तर भारत में प्याज की कीमतें बढ़ी हुई हैं। इन दिनों कोलकाता में प्याज की खुदरा कीमत 90 रुपए प्रति किलोग्राम को पार कर गई है।

पश्चिम बंगाल सरकारों के कृषि टास्क फोर्स के सदस्य रवींद्रनाथ कोले ने कहा कि प्याज की कीमत दिसंबर तक स्थिर रहेगी। लेकिन कृषि कारोबार से जुड़े सिबू मालाकार ने बताया कि अफगानिस्तान और मिश्र से प्याज के कुछ खेप कोलकाता के थोक बाजार पोस्ता में पहुंच गया है। इस कारण इसकी कीमतें कम हो गई हैं। कोलकाता के पोस्टा बाजार में प्याज की थोक कीमतें 67.50 रुपए प्रति किलो से घटकर 55 से 60 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई हैं।

अधिकारियों ने कहा कि नेफेड ने प्याज की कीमतों के प्रबंधन के लिए इस साल एक लाख टन का बफर स्टॉक बनाया था। यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दोगुना है। प्राप्त जानकारी के अनुसार नेफेड ने बफर स्टॉक से 43,000 टन प्याज पहले ही जारी कर दिया था। इसके अलावा 22,000 टन नवंबर के पहले सप्ताह में जारी करेगा। बाजार में प्याज की कीमते नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने प्याज स्टॉक रखने की सीमा निर्धारित कर दी है, जिसके तहत थोक व्यवपारी 25 टन और खुदरा व्यवसायी दो टन तक प्याज स्टॉक रख सकता है। 

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