राज्य ब्यूरो, कोलकाताः बंगाल की कमान तीसरी बार संभालते ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को चुनाव आयोग के फैसले पलटते हुए बंगाल के पूर्व डीजीपी और एडीजी कानून-व्यवस्था को फिर से बहाल कर दिया। इसके साथ ही दो जिलों के डीएम को भी हटा दिया गया है जिन्हें आयोग ने नियुक्त किया था। इसके अलावा बंगाल में हिंसा के आरोपों पर भी ममता ने पलटवार करते हुए कहा है कि भाजपा जहां जीती वहां ज्‍यादा गड़बड़ी हो रही है। ममता ने वरिष्ठ आइपीएस ऑफिसर वीरेंद्र को फिर से बंगाल का पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त कर दिया। इससे पहले चुनाव आयोग ने वीरेंद्र को हटाकर नीरज नयन पांडेय को डीजीपी नियुक्त किया था।इसी तरह ममता ने जावेद शमीम को फिर से एडीजी कानून- व्यवस्था बना दिया है।

आयोग ने सिविल डिफेंस के महानिदेशक जगमोहन को एडीजी कानून- व्यवस्था नियुक्त किया था।इसके अलावा पूर्व मेदिनीपुर व पुरुलिया के डीएम को भी बदल दिया गया है। चुनाव आयोग ने स्मिता पांडे को पूर्व मेदिनीपुर का जबकि अभिजीत मुखर्जी को पुरुलिया का डीएम नियुक्त किया था। अब उन्हें हटाकर पूर्णेन्दु कुमार माजी को पूर्व मेदिनीपुर जबकि राहुल मजूमदार को पुरुलिया का डीएम नियुक्त किया गया है। 

हिंसा बर्दाश्त नहीं 

इसके अलावा बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल की जीत के बाद राज्‍य में होने वाली हिंसक घटनाओं पर ममता ने कहा कि ऐसी किसी भी घटना को बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा। ममता ने कहा कि भाजपा जहां जीती है वहां से ज्‍यादा गड़बड़‍ियों की सूचना आ रही है। भाजपा पुराने वीडियो वायरल करके फर्जी घटनाओं की खबरें फैला रही है। मेरी सभी राजनीतिक दलों से अपील है कि वे ऐसा न करें। आपने चुनावों के दौरान ऐसा बहुत कुछ किया है, लेकिन अब ऐसा नहीं करें। बंगाल एकता का स्‍थान है।