राज्य ब्यूरो, कोलकाता : प्रदेश की बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए राज्य सरकार जल्द ही नई पहल करने जा रही है। राज्य विद्युत वितरण निगम (डब्ल्यूबीएसईडीसीएल) की ओर से 37.17 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। बिजली मंत्री अरूप विश्वास ने बुधवार को विधानसभा में प्रश्नोत्तरकाल के दौरान एक प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इससे बिजली कर्मचारियों को मीटर चेक करने के लिए घर-घर नहीं जाना पड़ेगा। वे कार्यालय में बैठकर ही मीटर रीडिंग देख सकेंगे। प्रारंभ में राज्य विद्युत वितरण बोर्ड के क्षेत्र में 37.17 लाख मीटर लगाए जाएंगे। बाद में, इसे चरण दर चरण बढ़ाया जाएगा।

गुजरात को कोयला मिलता है, लेकिन बंगाल को नहीं

उन्होंने कहा कि 'स्मार्ट मीटर' योजना पर कुल 11.89 करोड़ रुपये खर्च होंगे जिसमें से 60 प्रतिशत केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य देगा। उन्होंने सदन में कहा कि राज्य विद्युत वितरण निगम के पास 2.20 करोड़ ग्राहक हैं। उन्होंने कहा कि सीइएससी के ग्राहकों की संख्या 33 लाख है। राजारहाट न्यूटाउन के चार वार्डों में यह मीटर लगाए गए हैं। विश्वास ने बिजली उत्पादन इकाई को कोयला आपूर्ति में केंद्र की भूमिका की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने शिकायत की कि गुजरात को कोयला मिलता है, लेकिन बंगाल को नहीं।

राज्य में 87 बिजली सब स्टेशन स्थापित किए जाएंगे

हालांकि, कुछ विरोधियों का मानना है कि स्मार्ट मीटर की स्थापना वास्तव में प्रीपेड मीटरों की शुरूआत में पहला कदम है। भविष्य के दिनों में बिजली का उपयोग करने के लिए प्रीपेड मीटर को रिचार्ज करने की आवश्यकता हो सकती है। बताते चलें कि प्रीपेड मीटर उत्तर प्रदेश में पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं। यह प्रीपेड मीटर 4जी तकनीक पर आधारित है। दरअसल,विधानसभा में राज्य विद्युत निगम के इलाके में तीन माह में बिजली बिल आने को लेकर सवाल किया गया था। मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में 87 बिजली सब स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।

हमलोग ड्रोन के माध्यम से लगातार जानकारी जुटा रहे हैं

उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी के भाजपा विधायक शंकर घोष ने विधानसभा में बंगाल सफारी को लेकर सवाल किया। उन्होंने सवाल किया कि बक्सा टाइगर रिजर्व में कितने बाघ है और उस की देखरेख पर कितने रुपये खर्च हुए हैं। इस पर राज्य के वन मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक ने उत्तर दिया कि डुआर्स में इस समय टाइगर, भालू, गैंडा की गणना हो रही है। इस समय तेंदुआ की गिनती नहीं हो रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि बक्सा टाइगर रिजर्व में एक दो बाघ दिखे हैं। हमलोग ड्रोन के माध्यम से लगातार जानकारी जुटा रहे हैं।

बाघों की संख्या का पता लगाने पर खर्च हुए 228 करोड़

साथ ही उन्होंने कहा कि अब तक बाघों की जानकारी जुटाने के लिए 228 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। बक्सा टाइगर रिजर्व 861वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। इस क्षेत्र में 16 गांव भी है इनमें से दो गांवों के लोगों को विस्थापित करने की बातचीत चल रही है। इस विस्थापन के लिए एक परिवार में यदि चार व्यस्क व्यक्ति है तो हर व्यक्ति को 15-15 लाख रुपये देने का नियम है। साथ ही मंत्री ने यह भी कहा कि हाथी से हुए नुकसान के लिए अब तक 229 करोड़ 79 लाख आठ रुपये खर्च हुए हैं। हाथी के हमले में जान गंवाने वाले परिवारों के 607 लोगों को नौकरी दी गई है जबकि 118 विचाराधीन है।

Edited By: Vijay Kumar

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