कोलकाता, [जागरण संवाददाता] ।तृणमूल कांग्रेस में कभी नंबर दो की हैसियत रखने वाले सांसद मुकुल राय ने तृणमूल छोड़ने के एलान के साथ ही पार्टी ने उन्हें 6 साल के लिए निलंबित कर दिया है। मुकुल ने भी पूजा बाद अपनी रणनीति तथा पार्टी छोड़ने के कारणों के बारे में खुलासा करने की घोषणा की थी।

मुकुल हितैषियों संग तृणमूल को भी उनके खुलासे का इंतजार है। संभव है कि इस पर सस्पेंश अगले सप्ताह खत्म हो सकती है। दरअसल मुकुल 9 अक्टूबर को दिल्ली जा रहे हैं। कहे अनुसार मुकुल 9 या 10 अक्टूबर को राज्यसभा सांसद पद से भी इस्तीफा दे देंगे।

समझा जा रहा है कि इसी दिन वे अपनी आगे की रणनीति की घोषणा करेंगे। इस बीच भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय, दिलीप घोष व कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अधीर चौधरी से मुकुल को विजयदशमी की शुभकामनाएं भी भेजी गई है। 

गौरतलब है कि मुकुल का तृणमूल से इस्तीफा दिया जाना नेशनल मीडिया में सुर्खियों में था। मुकुल बंगाल के बजाय दिल्ली से आगे की रणनीति की घोषणा कर दो दांव आजमाना चाहते हैं। पहला यह कि वे दिल्ली में धमक दे कर भाजपा के समक्ष राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अहमियत दर्शाना चाहते हैं और दूसरा यह कि ऐसा कर वे खुद को तृणमूल से एक कदम आगे दिखाना चाहते हैं।

जानकारों का कहना है कि मुकुल भी यह बखूबी जानते हैं कि उनकी आगे की राजनीतिक राह आसान नहीं। तो वहीं, तृणमूल को भी यह पता है कि लंबे अरसे तक पार्टी में अहम रोल निभाने वाले मुकुल पार्टी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं।

मुकुल को मिल सकता है कद्दावरों का साथ 

जानकारी के मुताबिक दिल्ली से आने के बाद मुकुल बंगाल में भी राजनीतिक बम फोड़ेंगे। चर्चा है कि तृणमूल से लगातार दरकिनार किए जाने के बाद अब जबकि मुकुल ने पार्टी छोड़ दिया है तो फिर वे भाजपा में जाने के बजाय नई पार्टी का गठन कर सकते हैं। इस पार्टी में तृणमूल से निष्कासित सांसद कुणाल घोष, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सौमेन मित्र का साथ मिल सकता है।

कहा जा रहा है कि मुकुल के साथ तृणमूल के कुछ विधायक व तृणमूल शासित विभिन्न नगर निकायों के कुछ नेता भी संपर्क में हैं। दिल्ली से आने के बाद वे जब कोलकाता में प्रेस से मुखातिब होंगे तो इस दौरान उनके खेमे में कुछ और नए चेहरे दिखाई दे सकते हैं। इसके बाद मुकुल जिला दौरे पर निकल जाएंगे। 

ममता के बाद मुकुल जाएंगे झाड़ग्राम

दुर्गापूजा के बाद एक बार फिर ममता बनर्जी जिला अभियान शुरू कर रही हैं। राज्य सचिवालय नवान्न सूत्रों की मानें तो सुश्री बनर्जी 9 अथवा 10 अक्टूबर को झाड़ग्राम दौरे पर जा रही हैं। यहां वे प्रशासनिक बैठक करेंगी। इस दौरान उनके साथ राज्य के कुछ मंत्री व विभागों के सचिव भी उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री यहां अगले साल होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर चर्चा कर सकती हैं। इसी के बाद मुकुल भी झाड़ग्राम जाएंगे। 

अधीर से हर रोज होती है मुकुल की गुफ्तगू 

प्रदेश कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि तृणमूल से इस्तीफा देने के बाद अधीर के साथ मुकुल की लगातार बातचीत होती है। यहां तक कि अधीर और मुकुल कभी-कभी साथ में खाना भी खाते हैं। ऐसे में सवाल यह कि क्या मुकुल पर कांग्रेस भी डोरे डाल रही है? खबर है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी चाहते हैं कि मुकुल कांग्रेस में शामिल हो लेकिन मुकुल ऐसा करने के मूड में नहीं। दरअसल मुकुल को मालूम है कि ममता से पार पाने के लिए उन्हें सत्तासीन दल का समर्थन चाहिए होगा। ममता के इनदिनों कांग्रेस से बेहतर ताल्लुकात हैं लिहाजा मुकुल यदि कांग्रेस में जाते हैं तो यह उनके लिए नुकसान का सौदा हो सकता है।

 

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Posted By: Preeti jha

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