कोलकाता, जागरण संवाददाता। उत्तर 24 परगना जिले के बीजपुर में करीब तीन वर्ष पूर्व कांग्रेस नेता मृणाल कांति सिंह राय की हत्या के मामले में आरोपित मुकुल राय को कलकत्ता हाईकोर्ट ने निजी मुचलके पर सशर्त जमानत दे दी। कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों के अंतराल में बीजपुर थाने में हाजिरी देने का भी आदेश दिया।

सूत्रों के अनुसार जनवरी 2015 में बीजपुर में कांग्रेस नेता मृणाल कांति की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई थी। इसके बाद मौत की घटना ने सियासी रूप ले लिया था। दबाव के चलते पुलिस भी रिपोर्ट दर्ज करने में कतरा रही थी। गत वर्ष दिसंबर में मृणाल की बहन ने बैरकपुर अदालत में याचिका दायर कर रिपोर्ट दर्ज कराने की गुहार लगाई थी।

इसी वर्ष 9 जनवरी को कोर्ट ने तत्काल मुकुल राय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया था। इसके बाद बीजपुर थाना पुलिस ने मुकुल राय के खिलाफ 302,304,325 व 120बी के तहत मामला दर्ज कर लिया था। इस पर मुकुल ने कलकत्ता हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर कर दी थी।

मंगलवार को न्यायाधीश जयमाल्य बागची और न्यायाधीश रवि किशन कपूर की डिविजन बेंच ने जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों को सुना। मुकुल के अधिवक्ता आशीष सान्याल ने सफाई दी कि राजनैतिक द्वेष के चलते हत्या का मामला दर्ज कराया गया है। तृणमूल छोड़कर भाजपा में शामिल होने पर मुकुल राय के खिलाफ षड्यंत्र रचा गया है, इसलिए उनकी जमानत मंजूर की जाए।

उधर, सरकारी वकील एसजी चटर्जी और अतिरिक्त महाअधिवक्ता ए मुखर्जी ने जमानत देने का विरोध किया। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद 50 हजार के निजी मुचलके पर मुकुल राय को सशर्त जमानत दे दी। बताया गया कि किसी जमाने में कांचरापाड़ा में मृणाल कांति की पहचान कद्दावर कांग्रेस नेता के रूप में थी। मुकुल राय को भी वे ही राजनीति में लेकर आए थे। 

Posted By: Preeti jha

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