स्कूलों में मोबाइल पर लगेगा बैन, फिर लागू होगी पास-फेल की व्यवस्था; CM शुभेंदु अधिकारी का नया प्लान
मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल के सरकारी स्कूलों में पास-फेल व्यवस्था की वापसी का संकेत दिया है। उन्होंने स्कूलों में मोबाइल प्रतिबंध और सांस्कृतिक शिक्षा पर भी जोर दिया।

स्कूलों की व्यवस्था सुधारने पर काम कर रहे शुभेंदु अधिकारी (फोटो-पीटीआई)
HighLights
मुख्यमंत्री ने पास-फेल व्यवस्था की वापसी का संकेत दिया।
स्कूलों में मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगाने की वकालत की।
विद्यार्थियों को भारत और बंगाल के इतिहास की जानकारी दें।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल के सरकारी स्कूलों में पास-फेल व्यवस्था की वापसी हो सकती है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इसका संकेत देते हुए कहा कि राज्य सरकार इस संबंध में पाठ्यक्रम समिति की सिफारिशों का अनुपालन करेगी।
मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से स्कूलों में पास-फेल व्यवस्था दोबारा शुरू करने की वकालत की है। रविवार को पूर्व मेदिनीपुर जिले के रामनगर में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा से जुड़े विभागों में विशेषज्ञ व शिक्षित जन हैं। उन्हें निर्णय लेने का अवसर दिया जाना चाहिए।
समिति की रिपोर्ट आने तक प्रतीक्षा करना उचित होगा। मालूम हो कि बंगाल के सरकारी स्कूलों में आठवीं कक्षा तक पास-फेल व्यवस्था 2010 में तत्कालीन वाममोर्चा सरकार के दौरान बंद की गई थी।
स्कूलों में मोबाइल पर प्रतिबंध के पक्ष में मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने स्कूलों में विद्यार्थियों के मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की भी वकालत की। उन्होंने आगे कहा कि पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों को भारत और बंगाल के इतिहास की जानकारी भी दी जानी चाहिए। उन्होंने स्कूलों में ब्रतचारी गतिविधियों, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) और राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) को फिर से बढ़ावा देने की भी जरूरत बताई।
विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रतिभा को निखारने के लिए संगीत और वाद्ययंत्रों के अभ्यास पर भी जोर दिया। इसके अलावा, हर साल कम से कम तीन दिन वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी और तात्कालिक भाषण जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित करने का सुझाव दिया, ताकि विद्यार्थियों में राष्ट्रबोध और अपनी विरासत के प्रति समझ विकसित हो सके।
