1600 करोड़ रुपये से होगा दुर्गापुर एलाय स्टील्स प्लांट का कायाकल्प, युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार
दुर्गापुर स्थित सेल की एलाय स्टील्स प्लांट (एएसपी) के आधुनिकीकरण और विस्तार को 1600 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। ...और पढ़ें

नया इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस, बिलेट-कम-ब्लूम कास्टर और बार मिल बनेगा।
HighLights
सेल ने दुर्गापुर एएसपी के आधुनिकीकरण को दी मंजूरी।
परियोजना पर करीब 1600 करोड़ रुपये होंगे खर्च।
नया फर्नेस, कास्टर और बार मिल बनेगा, रोजगार की उम्मीद।
जागरण संवाददाता, दुर्गापुर। दुर्गापुर स्थित स्टील अथारिटी आफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की इकाई एलाय स्टील्स प्लांट (एएसपी) का आधुनिकीकरण और विस्तार किया जाएगा। सेल ने इस परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस पर करीब 1600 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
फैसले से श्रमिक संगठनों में खुशी है। लंबे समय से प्लांट के भविष्य और निजीकरण की आशंका को लेकर चिंतित श्रमिकों को अब उत्पादन जारी रहने और रोजगार की संभावनाएं बढ़ने की उम्मीद है।
सेल के सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2017 की राष्ट्रीय इस्पात नीति के तहत देश में इस्पात उत्पादन क्षमता बढ़ाकर सालाना 300 मिलियन टन करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें सेल की ओर से 50 मिलियन टन उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना है।
इसी लक्ष्य के तहत अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात कारखानों के साथ एएसपी का विस्तार भी जरूरी माना गया है। सेल बोर्ड की 25 सितंबर को हुई 537वीं बैठक में करीब 1600 करोड़ रुपये की विस्तार परियोजना को मंजूरी दी गई।
इस संबंध में छह अक्टूबर को आधिकारिक निर्देश जारी किया गया। परियोजना के तहत आधुनिक उत्पादन सुविधाओं से युक्त नया इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (ईएएफ), बिलेट-कम-ब्लूम कास्टर और तैयार छड़ तथा तार बनाने वाला नया बार मिल बनाया जाएगा। काम लगभग 30 से 36 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है।
विनिवेश के खिलाफ हुआ था आंदोलन
वर्ष 2016 में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने एएसपी के रणनीतिक विनिवेश के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके विरोध में श्रमिक संगठनों ने 2017 से आंदोलन शुरू किया। वर्ष 2018 में केंद्र सरकार ने संभावित खरीदारों से रुचि पत्र आमंत्रित करने के लिए वैश्विक निविदा जारी की।
लगातार श्रमिक आंदोलन के बाद वर्ष 2019 में सेल ने रुचि पत्र आमंत्रित करने की प्रक्रिया रद कर दी। इसके बाद से प्लांट के भविष्य को लेकर श्रमिकों में असमंजस था। विस्तार परियोजना की मंजूरी से श्रमिक संगठनों ने राहत जताई है।
1965 में शुरू हुआ था उत्पादन
एएसपी में 23 जनवरी 1965 को आंशिक उत्पादन शुरू हुआ था। वर्ष 1971 के आसपास यहां पूर्ण उत्पादन शुरू हो गया। वर्ष 1973 में स्थापित इस कारखाने में विशेष प्रकार के लगभग 500 तरह के मिश्र धातु इस्पात बनाए जाते हैं। इनका इस्तेमाल रक्षा क्षेत्र में पनडुब्बियों और मिसाइलों के निर्माण के साथ उच्च गति वाली रेल परियोजनाओं सहित कई क्षेत्रों में होता है।
श्रमिक संगठनों ने जताई रोजगार की उम्मीद
एलाय स्टील्स वर्कर्स यूनियन की ओर से इंटक के जिला अध्यक्ष सुभाष साहा ने कहा कि यह श्रमिकों के लंबे आंदोलन का परिणाम है। उनके अनुसार, आधुनिकीकरण और विस्तार पूरा होने के बाद आने वाले कई दशकों तक उत्पादन जारी रखने में मदद मिलेगी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि परियोजना से कर्मचारियों के रोजगार को लेकर भरोसा बढ़ेगा और नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। स्थानीय लोगों को परियोजना के काम में रोजगार देने की मांग पर श्रमिक संगठन लंबे समय से आंदोलन करते रहे हैं।
अब उन्हें स्थानीय लोगों के लिए अवसर मिलने की उम्मीद है। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के जिला महासचिव मृण्मय बंदोपाध्याय ने कहा कि बीएमएस नेतृत्व लंबे समय से एएसपी के विस्तार की मांग कर रहा था। सेल के फैसले से श्रमिकों में खुशी है।
