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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बंगाल में आतंकी संगठन के खतरनाक मंसूबों का पर्दाफाश, बांग्लादेश का अंसार अल-इस्लाम बना रहा था ये प्लान

Published: Sun, 07 Jul 2024 08:07 PM (IST)

West Bengal News बंगाल में एक खतरनाक आतंकी साजिश का खुलासा हुआ है जिसमें बंग्लादेश के आतंकी संगठन अंसार अल-इस्लाम ...और पढ़ें

संगठन की बंगाल में तेजी से विस्तार की योजना है। (सांकेतिक तस्वीर)
संगठन की बंगाल में तेजी से विस्तार की योजना है। (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. कोलकाता एसटीएफ के हाथों गिरफ्तार तीन आतंकियों से पूछताछ में राजफाश।
  2. संपर्क के लिए टेलीग्राम जैसे एप का इस्तेमाल करते हैं आतंकी।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बांग्लादेश के आतंकी संगठन अंसार अल-इस्लाम का 'शहादत' माड्यूल बंगाल में सक्रिय है और यहां तेजी से अपने विस्तार में जुटा है। कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के हाथों पिछले दिनों गिरफ्तार अंसार अल-इस्लाम बांग्लादेश के तीन सदस्यों से पूछताछ में यह सनसनीखेज तथ्य सामने आया है।

गिरफ्तार आतंकियों ने बताया कि उनके संगठन के सदस्य आपस में बातचीत के लिए टेलीग्राम व ऐसे दो अन्य एप का इस्तेमाल करते हैं, जहां से जानकारी जुटा पाना काफी मुश्किल है। अपनी पहचान छिपाने व खुफिया एजेंसियों को गुमराह करने के लिए सांकेतिक नामों का इस्तेमाल किया जाता है।

युवाओं को बनाया जा रहा निशाना

उन्होंने आगे बताया कि उनके संगठन की बंगाल में तेजी से विस्तार की योजना है। इस बाबत इंटरनेट मीडिया का इस्तेमाल किया जा रहा है। 'जिहादी' सोच वाले युवाओं को तलाशकर उन्हें संगठन से जोड़ा जा रहा है। एसटीएफ ने गत 22 जून को पश्चिम ब‌र्द्धमान जिले से मोहम्मद हबीबुल्लाह, 25 जून को हावड़ा स्टेशन से हरेज शेख व 28 जून को चेन्नई से अनवर शेख नामक अंसार अल-इस्लाम के तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया था।

हबीबुल्लाह चलाता है संगठन

बंगाल में 'शहादत' माड्यूल का प्रमुख हबीबुल्लाह नामक शख्स बताया जा रहा है। पता चला है कि वह संगठन के सारे सदस्यों के संपर्क में रहता था और उन्हें जरूरी निर्देश देता था। एसटीएफ यह पता करने की कोशिश कर रही है कि अंसार अल-इस्लाम बांग्लादेश ने बंगाल में अब तक अपने जाल कहां-कहां फैला लिए हैं। साइबर विशेषज्ञ विभास चट्टोपाध्याय ने बताया कि टेलीग्राम बातचीत करने का अत्यंत सुरक्षित माध्यम है। इस एप के चैट को डिकोड करके निकालना बेहद मुश्किल होता है।