बंगाल: कोलकाता अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव से पहले विवाद, नंदन में ममता के नाम वाली पट्टिका पर पोता गया पेंट
कोलकाता के नंदन सांस्कृतिक केंद्र में ममता बनर्जी की नामपट्टिका पर पेंट पोतने से राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।

फिल्म महोत्सव से पहले गरमाई बंगाल की राजनीति

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राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कोलकाता के प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र नंदन में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नाम वाली पट्टिका पर पेंट पोत दिए जाने से बंगाल की राजनीति गरमा गई है। खास बात यह है कि नंदन की आधारशिला रखने वाले तत्कालीन मुख्यमंत्री ज्योति बसु के नाम वाली पट्टिका को जस का तस छोड़ दिया गया है।
राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद आयोजित होने वाले पहले कोलकाता अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव से पहले हुई इस घटना ने राजनीतिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है।
इस मामले को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी ममता तृणमूल के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। राज्य सरकार के सांस्कृतिक सलाहकार और वरिष्ठ अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या अब कोई ममता बनर्जी का नाम देखना चाहता है? उनके इस बयान पर ममता तृणमूल की प्रवक्ता उपासना चौधरी ने पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में तानाशाही सरकार सत्ता में है।
फिल्म महोत्सव के नए लोगो में केसरिया रंग
पट्टिका को लेकर विवाद उस दिन सामने आया, जब 32वें कोलकाता अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का नया लोगो जारी किया गया। इस बार लोगो में केसरिया रंग भी शामिल किया गया है। इससे पहले के लोगो में नीले, सफेद और काले रंग का इस्तेमाल होता था।
नए लोगो को प्रख्यात फिल्मकार सत्यजीत रे के बेटे संदीप राय ने तैयार किया है। इस वर्ष महोत्सव 16 से 23 दिसंबर तक आयोजित होगा। इसमें आयरलैंड फोकस देश रहेगा। उल्लेखनीय है कि नंदन की आधारशिला 1980 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ज्योति बसु ने रखी थी।
वर्ष 1985 में सत्यजीत राय ने इस सांस्कृतिक परिसर का उद्घाटन किया था। वर्ष 2011 में सत्ता परिवर्तन के बाद नंदन सहित राज्य के विभिन्न स्थानों पर ममता बनर्जी के नाम वाली कई पट्टिकाएं लगाई गई थीं।
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