कोलकाता, जागरण संवाददाता। शनिवार व रविवार को इस वर्ष छठ पूजा होने की वजह से बंगाल की ममता सरकार ने अपने कर्मचारियों को सोमवार को छठ का अवकाश देने का एलान किया है। बुधवार को अलीपुर स्थित सौजन्य में पहली बार राज्य कैबिनेट की हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है। यह तीसरी बार है जब राज्य सचिवालय नवान्न से बाहर राज्य कैबिनेट की बैठक हुई है। इससे पहले कैबिनेट की बैठक उत्तर बंगाल में हुई थी। इसके बाद इसी वर्ष फरवरी में ममता ने सड़क किनारे धर्मतल्ला में कैबिनेट की बैठक की थी और अब सौजन्य में बैठक हुई है।

सूत्रों के मुताबिक छठ पूजा में दो नवंबर यानी शनिवार को सांध्य का अ‌र्घ्य व तीन नवंबर रविवार को सुबह का अ‌र्घ्य होगा। वैसे भी शनिवार व रविवार को राज्य सरकार के दफ्तरों में छुट्टी रहती है। इसलिए कैबिनेट की बैठक में छठ की छुट्टी का दिन बदल कर चार नवंबर सोमवार को करने का प्रस्ताव रखा गया जिस पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी। 

उल्लेखनीय है कि छुट्टी देने के मामले में मेहरबान सीएम ममता बनर्जी ने इस साल दुर्गा पूजा के दौरान सरकारी कर्मचारियों को कई अतिरिक्त छुट्टी दी थी। दो अक्टूबर को गांधी जयंती के उपलक्ष में सरकारी छुट्टी थी जबकि चार अक्टूबर को षष्ठी पड़ी थी इसलिए बीच में तीन अक्टूबर को भी ममता बनर्जी ने छुट्टी देने की घोषणा की थी और इस प्रकार सरकारी कर्मचारियों को दुर्गापूजा की छुट्टी दो अक्टूबर से ही मिल गई। 

मनाही के बावजूद विसर्जन में बज रहे तेज डीजे

प्रतिमा विसर्जन को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से नियम तय हैं। इस दौरान डीजे व अन्य तेज आवाज वाले ध्वनि उपकरणों के इस्तेमाल पर पर प्रतिबंध है। आरोप है कि पूजा आयोजक इन नियमों को नहीं मान रहे हैं और धड़ल्ले से इसकी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। विसर्जन के दौरान तेज आवाज में डीजे के इस्तेमाल से बुजुर्ग और हृदयरोग के मरीजों को ज्यादा परेशानी होती है। आरोप है कि इस मामले में पुलिस निष्क्रिय बनी हुई है।

हालांकि पुलिस का कहना है कि वे लोग इसके खिलाफ सक्रिय हैं और कार्रवाई करते हुए तीन डीजे को जब्त भी किया है। दुर्गापूजा के समापन के बाद लक्ष्मी पूजा का आयोजन धूमधाम से हुआ। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पूजा व विसर्जन के दौरान अधिकांश आयोजकों द्वारा तेज आवाज में डीजे का इस्तेमाल किया गया। तेज आवाज में डीजे बचाने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चो, बुजुर्ग, व हृदयरोग से पीड़ित मरीजों को होती है। लोगों का कहना है कि परेशानी होने के बावजूद संभावित विवाद के गहराने के भय के कारण किसी ने इसका विरोध करने का साहस नहीं किया।

लोगों का आरोप है कि पूजा व प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे के इस्तेमाल के खिलाफ पुलिस प्रशासन भी चुप है। इस मामले में पुलिस की सक्रियता नहीं होने के कारण धड़ल्ले से इसका इस्तेमाल हो रहा है। पुलिस पर निष्क्रिय बने रहने का आरोप लगाया गया है। हालांकि पुलिस ने इससे इन्कार किया है। ग्रामीण पुलिस के अधीक्षक सौम्य राय का कहना है कि शिकायत मिलते पुलिस कार्रवाई कर रही है। मंगलवार की रात को बागनान में तीन डीजे जब्त किया गया। आगे भी ऐसी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने कहा कालीपूजा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक थाना प्रभारी को इस बाबत सतर्क रहने को कहा गया है।

Posted By: Preeti jha

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