कोलकाता, राज्य ब्यूरो। बंगाल के वित्त मंत्री के तौर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पहली पसंद अमित मित्रा ही हैं। ममता एक बार फिर उन्हें ही सरकारी कोषागार संभालने की जिम्मेदारी सौंपना चाहती हैं। गौरतलब है कि अमित मित्रा ने पिछले एक दशक तक वित्त मंत्री की जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन किया है। वे खड़दह विधानसभा सीट से निर्वाचित होते आए हैं। अस्वस्थ होने के कारण इस बार उन्होंने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था।

ममता ने उनके स्थान पर काजल सिन्हा को बतौर उम्मीदवार खड़ा किया था। खड़दह सीट पर मतदान संपन्न होने के अगले ही दिन काजल सिन्हा की कोरोना से संक्रमित होने के कारण मौत हो गई थी। चुनाव के नतीजे में काजल सिन्हा भारी वोट से जीते। अब वहां फिर से उपचुनाव होना है।

ममता अगर फिर से अमित मित्रा को वित्त मंत्री की जिम्मेदारी सौंपती हैं तो नियमों के मुताबिक उन्हें छह महीने के अंदर किसी सीट से चुनाव जीतना होगा। ऐसे में हो सकता है कि अमित मित्रा को खड़दह सीट से ही खड़ा किया जाए। अमित मित्रा अगर वहां से चुनाव लड़ेंगे तो यह उनके लिए जाना-पहचाना ही मैदान होगा।वहां उनकी जीत की संभावनाएं भी बहुत ज्यादा है। अमित मित्रा फिक्की के चेयरमैन का पदभार भी बखूबी संभाल चुके हैं।

राज्य सचिवालय नवान्न सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आगामी नौ मई को मंत्रिपद की शपथ होगी। सूत्रों ने बताया कि ममता गृह, स्वास्थ्य समेत कई विभागों को पहले की तरह अपने पास रखना चाहती हैं। परिवहन विभाग मदन मित्रा को सौंपा जा सकता है।