ममता TMC को लगा एक और सियासी झटका, 13 पंचायत सदस्यों ने थामा एनसीपीआई का हाथ
पश्चिम बंगाल में ममता तृणमूल को बड़ा झटका लगा है, जहां उत्तर 24 परगना के मिनाखां में 13 ग्राम पंचायत ...और पढ़ें
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ममता तृणमूल के 15 जनप्रतिनिधियों ने थामा एनसीपीआई का हाथ (फाइल फोटो)
HighLights
13 ग्राम पंचायत सदस्य एनसीपीआई में शामिल हुए।
हाड़ोवा पंचायत समिति के दो सदस्य भी जुड़े।
तृणमूल ने भाजपा पर दबाव का आरोप लगाया।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता । बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद ममता तृणमूल को जमीनी स्तर पर एक और झटका लगा है। उत्तर 24 परगना जिले के मिनाखां इलाके में कुल्टी ग्राम पंचायत के 20 सदस्यों में से 13 ने पार्टी छोड़कर नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी आफ इंडिया (एनसीपीआई) का दामन थाम लिया है।
इसके अलावा हाड़ोवा पंचायत समिति के दो सदस्य भी एनसीपीआई में शामिल हो गए हैं। रविवार को आयोजित कार्यक्रम में सभी ने औपचारिक रूप से पार्टी का झंडा थामकर नई राजनीतिक पारी शुरू की।
एनसीपीआई के राष्ट्रीय सचिव राजीव सिन्हा ने बताया कि कुल्टी ग्राम पंचायत के 13 सदस्यों और हाड़ोवा पंचायत समिति के दो सदस्यों ने उनकी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है। उनके अनुसार, इन नेताओं ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में राज्य में चल रहे विकास कार्यों में भागीदार बनने के उद्देश्य से पुरानी पार्टी छोड़ने का फैसला किया है।
सिन्हा का दावा है कि आने वाले दिनों में और भी कई नेता तथा जनप्रतिनिधि एनसीपीआई में शामिल होने के इच्छुक हैं। गौरतलब है कि जून 2026 में तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी लोकसभा सदस्य भी एनसीपीआई में शामिल हुए थे।
ममता तृणमूल ने लगाया दबाव बनाने का आरोप
दूसरी ओर, ममता तृणमूल ने इस दल-बदल को सामान्य राजनीतिक निर्णय मानने से इन्कार किया है। पार्टी के प्रवक्ता मृत्युंजय पाल ने आरोप लगाया कि एनसीपीआई भाजपा के संरक्षण में काम कर रही है।
उनका दावा है कि जनप्रतिनिधियों को दबाव में लेकर सीधे भाजपा में शामिल होने के बजाय एनसीपीआई में भेजा जा रहा है। उन्होंने एनसीपीआई के सांसदों की राजनीतिक स्थिति का भी उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी के सांसदों का मामला अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है और वे लगातार समय मांग रहे हैं।