राज्य ब्यूरो, कोलकाता : ममता सरकार के 43 मंत्रियों में से 12 के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से सात के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले हैं। वेस्ट बंगाल इलेक्शन वॉच एवं एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की ओर से किए गए विश्लेषण में यह तथ्य सामने आया है। ममता सरकार के 32 मंत्री करोड़पति हैं। उनकी औसत संपत्ति 4.5 करोड़ रुपये है। जावेद अहमद खान सबसे अमीर मंत्री हैं। उनकी कुल संपत्ति 32. 33 करोड़ रुपये हैं।

इसी तरह सबसे कम संपत्ति की मालकिन बीरबाहा हांसदा हैं, जिनके पास  3.06 लाख रुपये की संपत्ति है। जावेद अहमद खान पर 41.51 करोड रुपये की देनदारी भी है। ममता सरकार के 10 मंत्री आठवीं से बारहवीं पास हैं जबकि 32 ग्रेजुएट व उससे अधिक शैक्षिक योग्यता वाले हैं।एक मंत्री डिप्लोमाधारी हैं। सात मंत्रियों की उम्र 30 से 50 साल के बीच है जबकि 36 की उम्र 51 वर्ष से अधिक है। ममता सरकार में नौ महिला मंत्री हैं। इस विश्लेषण में वित्त मंत्री अमित मित्रा के तथ्य उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें शामिल नहीं किया गया है।

जनसंख्या वृद्धि के मद्देनजर उत्पादन बढ़ाने को ममता सरकार बनाएगी नई कृषि नीति

राज्य ब्यूरो, कोलकाताः तीसरी बार बंगाल के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने के बाद ममता बनर्जी सूबे के विकास के लिए नई योजना और परियोजना तैयार करने पर जोर दे रही है। कृषि मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने बुधवार को कृषि मंत्री का कार्यभार ग्रहण करने के बाद बताया कि राज्य सरकार जल्द ही नई कृषि नीति तैयार करेगी जिसमें जनसंख्या वृद्धि को ध्यान में रखते हुए कृषि उत्पाादन कैस बढ़ेगा और  किसानों को उनके उत्पाद की सही कीमत मिलेे इस पर ध्यान दिया जाएगा।

ममता अपने अपने चुनावी घोषणा पत्र में कृषि के साथ-साथ उद्योगों को बढ़ावा देने का वादा किया था। कार्यभार ग्रहण करने के बाद शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने कृषि विभाग अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरी स्थिति की समीक्षा की। बता दें शोभनदेव चट्टोपाध्याय के पास इसके पहले बिजली विभाग का प्रभार था । उन्होंने कहा कि राज्य के कृषि विभाग ने अच्छा काम किया है तभी तो केंद्र सरकार की ओर से छह बार पुरस्कार मिला था। विभाग के लोग काम नहीं करने पर यह पुरस्कार नहीं मिलता है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या वृद्धि को ध्यान में रखकर उत्पादन वृद्धि करना होगा। इस बाबत योजना बनाई जाएगी। क्योंकि, आवश्यकता की पूर्ति के लिए उत्पादन बढ़ाना ही होगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार चावल खरीद रही है, तभी किसानों को सही कीमत मिल रही है। यह देखना होगा कि किसानों को उचित कीमत मिले, तभी उनमें खेती को लेकर उत्साह रहेगा।