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CJP प्रोटेस्ट को समर्थन, बागियों की TMC में नहीं होगी री-एंट्री; ममता बोलीं- भाजपा को हराने तक नहीं रुकूंगी

Published: Tue, 21 Jul 2026 06:40 PM (IST)

कोलकाता में शहीद दिवस रैली से ममता बनर्जी ने भाजपा के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का आह्वान किया, कहा कि भाजपा को हराने तक चुप नहीं बैठेंगी।

ममता ने बागी सांसदों को दी चेतावनी (फोटो-पीटीआई)

ममता ने बागी सांसदों को दी चेतावनी (फोटो-पीटीआई)

HighLights

  1. ममता बनर्जी ने भाजपा के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का एलान किया।

  2. आंदोलन को ब्लॉक और गांव स्तर तक ले जाने का आह्वान।

  3. केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग और झूठे मुकदमों का आरोप।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कोलकाता के बिड़ला तारामंडल के सामने मंगलवार को आयोजित 21 जुलाई के शहीद दिवस कार्यक्रम के मंच से तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का एलान करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं को फिर सड़क पर उतरने का आह्वान किया।

ममता ने कहा कि भाजपा को हराने तक वह चुप नहीं बैठेंगी। ममता ने स्पष्ट किया कि पार्टी की सभा या बैठक की अनुमति नहीं मिलने पर वह सड़क पर चलेंगी और जहां रोका जाएगा, वहीं बैठ जाएंगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन अब ब्लाक और गांव स्तर तक ले जाया जाएगा और वह खुद जिलों का दौरा करेंगी।

ममता ने भाजपा के खिलाफ देशभर के सभी विपक्षी दलों और बंगाल की लोकतांत्रिक शक्तियों को एकजुट होने का आह्वान किया। आइएनडीआइए गठबंधन को मजबूत करने पर जोर देते हुए उन्होंने दिल्ली में काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन का भी समर्थन किया।

दिल्ली में आंदोलनरत छात्रों और युवाओं पर पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि तृणमूल शुरुआत से उनके साथ है और जरूरत पड़ने पर वह खुद दिल्ली जाकर उनके धरना-प्रदर्शन में शामिल होंगी।

सभा को विफल करने की कोशिश

21 जुलाई की सभा को विफल करने की कथित कोशिशों का जिक्र करते हुए ममता ने आरोप लगाया कि साउंड सिस्टम के तार काटे गए और बाइक सवारों के जरिए हमले की कोशिश की गई।

ममता बनर्जी ने दावा किया कि इसके बावजूद कार्यकर्ता रातभर डटे रहे और सभा में उम्मीद से अधिक भीड़ पहुंची।

पार्टी में हालिया टूट के बाद अलग हुए नेताओं को लेकर ममता ने बेहद सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा, 'जो चले गए हैं, उनमें से किसी एक को भी वापस नहीं लूंगी।'

ममता बनर्जी ने दावा किया कि कुछ नेता चुनाव से पहले भाजपा के संपर्क में थे। उन्होंने खुद को पार्टी की संस्थापक अध्यक्ष बताते हुए कहा कि चुनाव चिह्न छीनने की कोशिश हुई तो वह सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि केवल साइनबोर्ड लगा देने से कोई संगठन असली तृणमूल कांग्रेस नहीं बन जाता।

तृणमूल नेताओं के खिलाफ 14 हजार से अधिक मामले दर्ज

केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए ममता ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर तृणमूल नेताओं के खिलाफ 14 हजार से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं।

ममता ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ भी 400 से अधिक मामलों का दावा किया। भाजपा सरकार की कार्यशैली को लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा संघर्ष सामान्य राजनीतिक लड़ाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र बचाने की लड़ाई है।

अभिषेक बनर्जी ने भी दी चेतावनी

तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कथित झूठे मुकदमों को लेकर 'ब्याज समेत लौटाने' की चेतावनी दी।

तृणमूल की सभा में अभिषेक ने कहा कि यदि किसी पर झूठा मुकदमा किया जाता है तो उसका विवरण लिखकर रखें। समय आने पर उसका जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो जिस भाषा को समझता है, उसे उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा।

मंच पर ममता से कहासुनी के बाद कल्याण बनर्जी ने छोड़ा कार्यक्रम

तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी ममता बनर्जी से कहासुनी के बाद कार्यक्रम छोड़कर चले गए। राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कल्याण ने करीब साढ़े 22 मिनट तक भाषण दिया।

बताया जा रहा है कि ममता ने उन्हें भाषण संक्षिप्त करने का संकेत दिया था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपना संबोधन जारी रखा।

भाषण समाप्त होने के बाद दोनों के बीच कथित तौर पर तीखी बातचीत हुई, जिसके बाद कल्याण नाराज होकर मंच से उतर गए। लंबे भाषण के कारण कई नेताओं का नाम वक्ताओं की सूची में होने के बावजूद उन्हें बोलने का अवसर नहीं मिल सका।

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