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ममता के आवास से सटे टीएमसी कार्यालय में CID की तलाशी, जालसाजी केस में बड़ी कार्रवाई

Published: Tue, 09 Jun 2026 04:34 PM (GMT+05:30)Updated: Tue, 09 Jun 2026 06:56 PM (GMT+05:30)

CID ने कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के कालीघाट और अभिषेक बनर्जी के कैमेक स्ट्रीट स्थित कार्यालयों पर हस्ताक्षर जालसाजी मामले की जांच के तहत छापेमारी की।

HighLights

  1. सीआईडी ने कालीघाट स्थित टीएमसी कार्यालय पर छापेमारी की।

  2. अभिषेक बनर्जी के कार्यालय में भी जांच दल पहुंचा।

  3. हस्ताक्षर जालसाजी मामले में सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। विधानसभा में हस्ताक्षर जालसाजी मामले की जांच के तहत मंगलवार को सीआईडी ने कालीघाट स्थित तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय में छापेमारी की। यह कार्यालय पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास से सटा हुआ है।

करीब एक घंटे तक चले विवाद और कानूनी बहस के बाद जांच अधिकारियों को कार्यालय में प्रवेश मिला। इसी दौरान सीआईडी की एक अन्य टीम तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के कैमेक स्ट्रीट स्थित कार्यालय भी पहुंची।

सीआईडी अधिकारियों ने क्या कहा?

सीआईडी अधिकारियों का कहना है कि अभिषेक बनर्जी द्वारा जांच एजेंसी को भेजे गए जवाबी पत्र में बताया गया था कि विधायकों के हस्ताक्षर इसी कार्यालय में एकत्र किए गए थे। इसी जानकारी के आधार पर वहां तलाशी ली गई। जांच दल के साथ पुलिस और केंद्रीय बल भी मौजूद रहे।

कार्यालय की देखरेख कर रहे तृणमूल के कोषाध्यक्ष एवं पूर्व राज्यसभा सदस्य शुभाशीष चक्रवर्ती ने शुरुआत में तलाशी की अनुमति देने से इन्कार कर दिया। उनका कहना था कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी दोनों दिल्ली में हैं, इसलिए उनकी अनुपस्थिति में वह ऐसा निर्णय नहीं ले सकते।

इसके बाद सीआईडी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनके पास विधिवत सर्च वारंट है और जांच में बाधा डालना कानूनी रूप से गंभीर मामला हो सकता है। काफी देर तक चली बहस के बाद जांच दल कार्यालय में दाखिल हुआ।

सीसीटीवी फुटेज की जांच

सूत्रों के अनुसार, जांचकर्ताओं ने कार्यालय के लागबुक, आगंतुकों के रिकार्ड और सीसीटीवी फुटेज की जांच की है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जिस दिन विधायकों के हस्ताक्षर लिए गए थे, उस दिन कौन-कौन मौजूद था और दस्तावेजों की प्रक्रिया कैसे पूरी की गई।

मामले की शुरुआत विधानसभा में विपक्ष के नेता के चयन से जुड़े प्रस्ताव पत्र को लेकर हुई। आरोप है कि तृणमूल की ओर से विधानसभा सचिवालय में जमा किए गए समर्थन पत्र में कुछ विधायकों के हस्ताक्षरों में गड़बड़ी पाई गई। शिकायत के बाद एफआइआर दर्ज हुई और जांच की जिम्मेदारी सीआईडी को सौंपी गई।

कई विधायकों से पूछताछ की जा चुकी है। उधर, जब कोलकाता में सीआईडी की कार्रवाई चल रही थी, उसी समय दिल्ली में ममता बनर्जी कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने उनके आवास पहुंचीं थीं।

सीआईडी के समक्ष पेश नहीं हुए अभिषेक

दूसरी ओर सीआईडी ने हस्ताक्षर जालसाजी मामले में अभिषेक बनर्जी को तीसरी बार समन जारी किया है। सीआईडी ने उन्हें मंगलवार शाम पांच बजे तक भवानी भवन स्थित मुख्यालय में उपस्थित होने को कहा था, लेकिन अभिषेक उपस्थित नहीं हुए। हालांकि इससे पहले अभिषेक ने पूछताछ के लिए अतिरिक्त समय मांगा था।

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