राज्य ब्यूरो, कोलकाता : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा राज्यपाल जगदीप धनखड़ को भ्रष्ट कहे जाने पर बंगाल में विपक्षी दलों ने कड़ा एतराज जताया है। मुख्य विपक्षी भाजपा समेत कांग्रेस व माकपा के नेताओं ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा वह राज्यपाल को भ्रष्ट बता मूल मुद्दों से बचना चाह रही हैं। प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष व प्रवक्ता जयप्रकाश मजूमदार ने कहा कि राज्यपाल ने जब गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (जीटीए) में घोटाले व इसकी ऑडिट कराने की बात कहीं तो मुख्यमंत्री ने ना जाने किस हवाला मामले को उठाने लगीं। उन्होंने राज्यपाल को अपमानित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि फर्जी वैक्सीन घोटाले से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए मुख्यमंत्री ने उनके खिलाफ यह अनर्गल आरोप लगाया है, क्योंकि इस कांड में तृणमूल कांग्रेस के कई नेता फंसते देख रहे हैं।

वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के पास राज्य के संवैधानिक प्रमुख के खिलाफ अगर कोई तथ्य है तो उसे प्रमाण के साथ प्रस्तुत करना चाहिए। मौखिक आरोप लगाने से कुछ नहीं होता। मुख्यमंत्री को आरोप प्रमाणित करना होगा। माकपा के राज्यसभा सांसद व वरिष्ठ अधिवक्ता विकास रंजन भट्टाचार्य ने भी कहा कि राज्य में एक के बाद एक मामलों में ममता सरकार बेनकाब हो रही है। मूल मुद्दे से जनता का ध्यान हटाने के लिए राज्यपाल को निशाना बनाया जा रहा है।

राज्यपाल के प्रति ममता के रवैए को अनुचित बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के प्रथम नागरिक पर इस तरह सवाल उठाया जाना लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है। इससे जनता में गलत संदेश जाता है। भट्टाचार्य ने राज्यपाल के संवैधानिक पद की गरिमा को बनाए रखने पर जोर दिया। ‌

दूसरी ओर, विपक्षी दलों द्वारा मुख्यमंत्री पर किए गए हमलों के जवाब में तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि भाजपा और माकपा का कथन आधारहीन है। राज्यपाल की बातों को महत्व नहीं दिया जाना चाहिए। बताते चलें कि एक दिन पहले ममता ने राज्यपाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें भ्रष्ट व्यक्ति बताया और दावा किया कि 1996 में हवाला जैन केस की चार्जशीट में उनका नाम था। हालांकि इसके तुरंत बाद राज्यपाल ने ममता के इस आरोप को पूरी तरह से आधारहीन व झूठा बताया।

Edited By: Vijay Kumar