कोलकाता, जागरण संवाददाता। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे मंगलवार को कोलकाता पहुंचे। वह बुधवार को  राज्य सचिवालय नवान्न में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी से मुलाकात करेंगे। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच देश की मौजूदा सियासी हालात और बैलेट पेपर की वापसी समेत अन्य कई अहम मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है।

तृणमूल सूत्रों की मानें तो मनसे प्रमुख ने मुख्यमंत्री से फोन कर मुलाकात की इच्छा जाहिर करते हुए कई अहम मुद्दों पर बातचीत की थी और इसी कड़ी में मंगलवार देर शाम मनसे प्रमुख कोलकाता पहुंचे। दरअसल, ममता बीते लोकसभा चुनाव में ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए भाजपा की जीत पर संदेह जाहिर किया था। साथ ही, उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में सुधार की मांग करते हुए बैलेट से मतदान की वकालत की, जिसके बाद कई सियासी दलों ने उनकी इस मांग को जायज ठहराते हुए उनका का समर्थन भी किया।

इधर, महाराष्ट्र में अपने खोते जनाधार और लोकप्रियता के बाद अब मनसे प्रमुख अन्य दलों के नेताओं से भेंट मुलाकात में लगे हैं और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से पहले उन्होंने बीते आठ जुलाई को दिल्ली पहुंच यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मुलाकात की थी।

गौरतलब है कि मनसे प्रमुख ने आगामी विधानसभा चुनावों में ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने की चुनाव आयोग से मांग की है। राज ठाकरे इस दिशा में विरोधी दलों को एकजुट करने के प्रयास में हैं। ममता से उनकी यह मुलाकात इसी क्रम में हो रही है। महाराष्ट्र में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। मनसे आने वाले दिनों में ईवीएम के इस्तेमाल के खिलाफ अपनी मुहिम और तेज करने वाली है। मनसे ने आगामी नौ अगस्त को चुनाव आयोग की वर्तमान मतदान प्रणाली के खिलाफ प्रदर्शन की योजना बनाई है। राज ठाकरे की पार्टी ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते आई है और साफ कहा है कि अगर आगामी विधानसभा चुनाव में ईवीएम से मतदान होता है तो वह चुनाव का बहिष्कार करेंगे।

तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ विधायक ने कहा कि हम कोलकाता में राज ठाकरे जी का स्वागत करते हैं। इस बैठक में ईवीएम विवाद सहित अन्य सियासी मुद्दों पर ममता बनर्जी और राज ठाकरे के बीच बातचीत होगी। बता दें कि ममता कई बार ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर चुकी हैं। तृणमूल प्रमुख का कहना है कि एक समिति बनाकर ईवीएम की जांच कराई जानी चाहिए। ममता ने हाल ही में कहा था कि ईवीएम की अविश्वसनीयता का मुद्दा सियासी दलों ने बार-बार उठाया है। हालांकि, हम ईवीएम में विश्वास करते हैं लेकिन यह विश्वास क्यों नहीं किया जा सकता कि भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए कुछ ईवीएम में अलग से प्रोगामिंग की जा सकती है।

 

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Posted By: Sachin Mishra

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