अब इतिहास हो जाएंगी लेनिन, कार्ल मार्क्स और हो ची मिन्ह के नाम वाली कोलकाता की सड़कें
कोलकाता में लेनिन, कार्ल मार्क्स और हो ची मिन्ह सरणी सहित कई सड़कों के नाम बदलने की तैयारी है।

लेनिन, कार्ल मार्क्स और हो ची मिन्ह के नाम वाली सड़कों का बदलेगा नाम(फोटो: विकिमीडिया)

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जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कोलकाता की लेनिन सरणी, कार्ल मार्क्स सरणी और हो ची मिन्ह सरणी के नाम बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। बंगाल सरकार की ओर से सड़कों, पुलों और सार्वजनिक स्थानों के नाम बदलने के लिए गठित 10 सदस्यीय सलाहकार समिति पहले चरण में कोलकाता की सड़कों के नामों की समीक्षा करेगी। समिति की पहली बैठक दुर्गापूजा के बाद होने की संभावना है।
समिति के अध्यक्ष स्वामी प्रदीप्तानंद (कार्तिक महाराज) हैं। इसमें मेघालय के पूर्व राज्यपाल तथागत राय, मुख्यमंत्री के सलाहकार सुब्रत गुप्ता और कोलकाता नगर निगम की आयुक्त स्मिता पांडे समेत अन्य सदस्य शामिल हैं।
समिति यह देखेगी कि जिन व्यक्तित्वों के नाम पर सड़कें हैं, उनका भारतीय और बंगाली संस्कृति से कितना संबंध है। इसके बाद अपनी सिफारिश विधानसभा को भेजेगी।
लेनिन और मार्क्स की जगह भारतीय विभूतियों के नाम का सुझाव
तथागत राय ने सुझाव दिया है कि लेनिन सरणी का नाम प्रसिद्ध गणितज्ञ और भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष रहे देबप्रसाद घोष के नाम पर किया जा सकता है।
खिदिरपुर की कार्ल मार्क्स सरणी का नाम माइकल मधुसूदन दत्त या रंगलाल बंद्योपाध्याय के नाम पर रखने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा बिश्व बांग्ला सरणी का नाम श्रीकृष्ण चैतन्य एवेन्यू करने का प्रस्ताव भी समिति के सामने रखा जा सकता है।
