राज्य ब्यूरो, कोलकाता। पश्चिम बंगाल की कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने गुरुवार रात को बांग्लादेश जमात-उल-मुजाहिद्दीन के वांछित आतंकी अब्दुल करीम को गिरफ्तार कर लिया है। उसे मुर्शिदाबाद के सूती पुलिस थाने से गिरफ्तार किया गया है। उसे आज अदालत में पेश किया जाएगा। बताते चलें कि 19 जनवरी 2018 को बिहार के बोध गया में हुए बम धमाकों के पीछे भी आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्‍लादेश का हाथ था।

अब्दुल करीम की तलाश लंबे समय से पुलिस, एनआईए और खुफिया विभाग को थी। बांग्लादेशी आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्‍लादेश पश्चिम बंगाल में लंबे समय से पैर पसारने की फिराक में हैं, लेकिन खुफिया एजेंसियों की सतर्कता के कारण उनके मंसूबों पर हर बार पानी फिर जा रहा है।

पश्चिम बंगाल की कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने गुरुवार रात को बांग्लादेश जमात-उल-मुजाहिद्दीन के वांछित आतंकी अब्दुल करीम को गिरफ्तार कर लिया है। अब्दुल करीम का पकड़ा जाना एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। वहीं गिरफ्तार अब्दुल करीम से पूछताछ के दौरान इस बात की जानकारी ली जाएगी कि आतंकी संगठन का नेटवर्क कहां-कहां काम कर रहा है। इसके साथ जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्‍लादेश जुड़े लोगों की जानकारी भी इकठ्ठा की जा सकती है।

पिछले साल केंद्र सरकार ने जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश को प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया था। बांग्लादेश की राजधानी ढाका साल 2006 में हुए आतंकी हमले का जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश को माना जाता है। इस हमले में 17 विदेशी नागरिकों समेत 22 लोगों की मौत हुई थी।

वहीं जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्‍लादेश भारत में आतंकी गतिविधियों के लिए युवाओं में कट्टरपंथी भावनाएं भर के उकसाने और उनकी भर्ती करने का काम करने में लिप्त पाया गया था। इसके अलावा यह भी जानकारी सामने आई थी कि पश्चिम बंगाल के वर्धमान और 19 जनवरी 2018 को बिहार के बोध गया में हुए बम धमाकों के पीछे भी आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्‍लादेश का हाथ था। 

Posted By: Preeti jha

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