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36 साल बाद कोलकाता के लापता फौजी की तलाश फिर जारी, पुलिस ने दर्ज किया अपहरण का केस

Published: Mon, 28 Sep 2026 03:47 PM (IST)

कोलकाता में 36 साल पहले लापता हुए भारतीय सेना के जवान एडविन राजन के मामले में नया मोड़ आया है। ...और पढ़ें

भारतीय सेना का जवान 36 साल पहले कोलकाता से लापता हुआ।

भारतीय सेना का जवान 36 साल पहले कोलकाता से लापता हुआ।

HighLights

  1. भारतीय सेना का जवान 36 साल पहले कोलकाता से लापता हुआ।

  2. पत्नी ने अपहरण की शिकायत कोलकाता पुलिस में दर्ज कराई।

  3. हेस्टिंग्स पुलिस ने 1990 की घटना की जांच फिर शुरू की।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कोलकाता के फोर्ट विलियम (अब विजय दुर्ग) स्थित सेना की पूर्वी कमान मुख्यालय में छुट्टी बिताकर 36 साल पहले ड्यूटी पर लौटने के लिए निकले भारतीय सेना के एक जवान के रहस्यमय ढंग से लापता होने के मामले ने नया मोड़ लिया है।

इतने लंबे समय बाद भी पति का कोई सुराग नहीं मिलने पर अब उनकी पत्नी ने अपहरण की आशंका जताते हुए कोलकाता पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पत्नी की शिकायत के आधार पर हेस्टिंग्स थाने की पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर 1990 की इस घटना की नए सिरे से जांच शुरू कर दी है।

मामला सेना के लापता जवान एडविन राजन से जुड़ा है। बताया गया है कि उस समय उनकी तैनाती हिमाचल प्रदेश के डलहौसी छावनी में थी। 1990 में छुट्टी लेकर वह कोलकाता के फोर्ट विलियम स्थित क्वार्टर में रह रहे परिवार के पास आए थे।

परिवार के साथ कुछ दिन बिताने के बाद 18 जनवरी 1990 को वह डलहौसी में अपनी ड्यूटी पर लौटने के लिए घर से निकले थे। उस दौर में मोबाइल फोन की सुविधा नहीं थी।

एडविन ने डलहौसी छावनी पहुंचने के बाद लैंडलाइन फोन से परिवार को सूचना देने की बात कही थी। कई दिन बीतने के बावजूद उनका फोन नहीं आया तो पत्नी आरोगिया मैरी राजन ने डलहौसी स्थित सैन्य कार्यालय से संपर्क किया।

वहां से उन्हें पता चला कि एडविन ड्यूटी पर पहुंचे ही नहीं थे। इसके बाद परिवार और सेना ने अपने-अपने स्तर पर उनकी तलाश शुरू की। उस समय हेस्टिंग्स थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका।

परिवार के अनुसार, 1995 में मिलिट्री पुलिस ने भी एडविन के लापता होने की जांच की थी, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा। बाद में सेना ने नियमों के तहत उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया था। हालांकि परिवार शुरू से इस धारणा को स्वीकार नहीं करता रहा है।

पत्नी का दावा- एडविन अपनी मर्जी से गायब नहीं हुए थे, बल्कि उनका अपहरण किया गया था

पत्नी का दावा है कि एडविन अपनी मर्जी से गायब नहीं हुए थे, बल्कि उनके साथ कोई अनहोनी हुई और उनका अपहरण किया गया था। पति को भगोड़ा घोषित किए जाने और मामले में आवश्यक पुलिस रिपोर्ट नहीं होने के कारण पत्नी को पेंशन संबंधी परेशानियों का भी सामना करना पड़ा।

दशकों तक पति का पता लगाने और न्याय के लिए प्रयास करने के बाद अब उन्होंने अपहरण की शिकायत दर्ज कराई है। हेस्टिंग्स थाना पुलिस करीब 36 साल पुराने घटनाक्रम से जुड़े उपलब्ध दस्तावेजों और पुराने रिकार्ड की पड़ताल में जुट गई है।

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