कोलकाता पंडाल भगदड़ में नया खुलासा, आरोपी की पत्नी का दावा- 27 अक्टूबर तक अंडरग्राउंड रहने को कहा गया
कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़ मामले में गिरफ्तार बाबू मजूमदार की पत्नी ने दावा किया है कि पूजा समिति के ...और पढ़ें

आरोपी की पत्नी का बड़ा दावा (फोटो-PTI)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, कोलकाता। कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़ हादसे मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए दूसरे आरोपी की पत्नी ने यह आरोप लगाया है कि चोरबगान सार्वजनीन दुर्गा पूजा समिति के वरिष्ठ अधिकारियों ने उसके पति को यह घोषणा करने के लिए कहा था कि पंडाल गिर गया है। इस हादसे में 19 लोगों की मौत हुई थी।
महिला ने यह भी दावा किया है उसके पति, बाबू मजूमदार (उर्फ कुशल, उर्फ कालिया) को इस हादसे के बाद 27 अक्तूबर तक अंडरग्राउंड हो जाने की सलाह दी गई थी।
17 अक्टूबर की रात उत्तरी कोलकाता के पंडाल में श्रद्धालुओं के बीच अफरा-तफरी मचाने वाली गुमराह करने वाली घोषणा करने के आरोप में, कोलकाता पुलिस ने शुक्रवार सुबह बाबू मजूमदार को गिरफ्तार किया। बाबू की पत्नी, कोयल मजूमदार ने गिरफ्तारी के तुरंत बाद मीडिया से बात करते हुए आयोजन समिति के कुछ अधिकारियों पर ये आरोप लगाए।
समिति के लोगों ने फरार होने को कहा
कोयल ने कहा कि मेरे पति पेशे से एक एप-कैब ड्राइवर हैं और लंबे समय से चोरबगान सार्वजनीन से जुड़े हुए हैं। अमर बोस लेन में हमारा घर पंडाल के बहुत करीब है। भगदड़ के गंभीर रूप लेने के बाद, पूजा आयोजन समिति के कुछ लोगों ने मेरे पति को सलाह दी कि वे फरार हो जाएं और 27 अक्तूबर तक अंडरग्राउंड रहें। जबकि, वे तो हादसे वाली रात को ही पुलिस के सामने सरेंडर करना चाहते थे।
उन्होंने दावा किया कि हालांकि उनके पति लगभग 18 वर्षों से चोरबगान सार्वजनीन से जुड़े हुए हैं, लेकिन उन्हें कभी भी दुर्गा पूजा के दौरान सार्वजनिक घोषणाएं करने का काम नहीं सौंपा गया था, क्योंकि वे बातचीत करने में उतने कुशल नहीं हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, घटना के समय, आयोजन समिति के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें यह घोषणा करने के लिए कहा कि पंडाल गिर गया है। उन्होंने यह सोचकर घोषणा कर दी कि शायद इससे खतरा और बढ़ सकता है।
कोयल ने आगे आरोप लगाया कि अगली सुबह उनके पति ने उनसे संपर्क किया और बताया कि पूजा समिति के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें 27 अक्टूबर तक अंडरग्राउंड (छिपे रहने) की सलाह दी थी। उन्होंने आगे कहा, हालांकि, वह लगातार पछतावे और पश्चाताप की भावना से जूझ रहे थे।
हादसे के बाद हुई थी गिरफ्तारी
इस बीच, पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस हादसे के बाद बाबू कुछ देर के लिए घर लौटे थे, लेकिन बाद में अपना मोबाइल फोन वहीं छोड़कर चले गए। इस कथित भ्रामक घोषणा के मामले में गिरफ्तार होने वाले बाबू दूसरे व्यक्ति हैं। गुरुवार को कोलकाता पुलिस ने चोरबगान सार्वजनीन दुर्गा पूजा आयोजन समिति के कोषाध्यक्ष संजीव राहा, उर्फ सेंटू को गिरफ्तार किया, जो इस मामले में मुख्य आरोपी हैं।
यह घोषणा तब की गई थी जब बारिश के कारण पंडाल में पहले से ही अफरा-तफरी मची हुई थी। बाहर इंतजार कर रहे लोग अंदर आने की कोशिश कर रहे थे, जबकि अंदर मौजूद लोग खराब मौसम की वजह से बाहर जाने से कतरा रहे थे।
इस अफरा-तफरी के बीच, एक घोषणा की गई जिसमें चेतावनी दी गई कि पंडाल गिर गया है और भक्तों से तुरंत बाहर निकलने को कहा गया, जिससे वहां भगदड़ मच गई। लोग बाहर निकलने के रास्तों की ओर भागे, और कुछ लोग बाहर जाने के लिए प्रवेश द्वार की तरफ भी चले गए, जिसके परिणामस्वरूप जानलेवा भगदड़ मच गई।
इस हादसे में 19 लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने उन परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है, जिनकी वजह से भीड़ बेकाबू हुई, और साथ ही उन लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है जो इस घोषणा के लिए जिम्मेदार थे।
अब तक इस भगदड़ के मामले में नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस घटनाओं के क्रम और इस घटना में पूजा आयोजकों की कथित भूमिका की जांच कर रही है।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
