जागरण संवाददाता, कोलकाता। Kolkata International Film Festival 2019: 25वां कोलकाता अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (केआइएफएफ) का शुक्रवार को रंगारंग आगाज हुआ। बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान ने कोलकाता के इंडोर स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में हजारों लोगों की उपस्थिति में बटन दबाकर इस फिल्मोत्सव का उद्घाटन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बीसीसीआइ के अध्यक्ष सौरभ गांगुली, प्रसिद्ध अभिनेत्री राखी गुलजार, फिल्मकार महेश भट्ट सहित बॉलीवुड व टॉलीवुड की कई नामी- गिरामी हस्तियां मौजूद रहे। हालांकि इस बार भी फिल्मोत्सव का उद्घाटन बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ही करने वाले थे लेकिन स्वास्थ्य व अन्य कारणों से वे नहीं पहुंचे। जिसके बाद शाहरुख खान के हाथों उद्घाटन हुआ।

15 नवंबर तक चलने वाले इस प्रतिष्ठित फिल्म महोत्सव में 76 देशों की 214 फीचर फिल्में, 152 लघु फिल्में व वृत्तचित्र दिखाए जाएंगे। महोत्सव में 24 देशों की 65 फिल्मी हस्तियां भाग लेंगी और कोलकाता में 17 जगहों पर फिल्में दिखाई जाएगी। इस फिल्मोत्सव में पहली बार दो थ्रीडी फिल्में दिखाई जाएंगी। प्रिया व बिजली सिनेमाघरों में उनका प्रदर्शन होगा।

राज्यपाल को नहीं मिला न्योता

महानगर के नेताजी इंडोर स्टेडियम से 25वें कोलकाता अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का रंगारंग आगाज हुआ। बालीवुड से लेकर टालीवुड और विदेशों के फिल्म से जुड़े कई सितारे, सीएम ममता बनर्जी से लेकर राज्य के करीब सभी मंत्री, तृणमूल सांसद व विधायक, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी, उद्योगपति उद्घाटन समारोह में मौजूद थे। परंतु, बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ मौजूद नहीं थे। राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार को कहा कि कोलकाता में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के लिए उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया है।

दुर्गा पूजा कार्यक्रम में हुए 'अपमान' का हवाला देते हुए राज्यपाल ने कहा, 'मुझे कोलकाता फिल्म महोत्सव में आमंत्रित नहीं किए जाने की चिंता नहीं है, लेकिन (राज्य सरकार के) रवैये से है।' मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ विभिन्न मुद्दों पर जारी टकराव के बीच राज्यपाल ने कहा,'आप सब लोगों ने देखा (दुर्गा पूजा) कार्निवल में क्या हुआ था...यह अकल्पनीय है...किसी ने कहा कि मैं प्रचार के लिए ऐसा कर रहा हूं। मैं सभी बातों का जवाब देना जरूरी नहीं समझता हूं।' उन्होंने कहा,'इस समारोह में शामिल होने की मेरी कोई इच्छा नहीं है। लेकिन यह देखने की तीव्र इच्छा है कि बंगाल के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं हो।'

धनखड़ ने उस समय कहा था कि दुर्गा पूजा कार्निवल में उन्होंने अपमानित महसूस किया था। राज्यपाल ने दावा किया था कि उन्हें 'कार्यक्रम में पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया।' सूत्रों ने इस बारे में बताया था कि राज्यपाल कार्निवल में बैठने की व्यवस्था से नाराज थे जिसका इंतजाम राज्य सरकार की ओर से किया गया था। राज्यपाल को मंच पर किनारे पर बैठने के लिए जगह दी गई थी और वह उचित तरीके से कार्यक्रम नहीं देख सके थे। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने उस समय राज्यपाल की अलोचना करते हुए कहा था कि वह प्रचार के लिए ऐसा कर रहे हैं और ऐसे व्यवहार कर रहे हैं जो एक राज्यपाल को शोभा नहीं देता ।

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Posted By: Sachin Mishra

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