जागरण संवाददाता, कोलकाता। कोलकाता में स्थित एशिया के सबसे बड़े बाजारों में शुमार बड़ाबाजार के कपड़ा और अन्य सामानों के गोदाम में शुक्रवार देर रात भीषण आग लग गई। घटना रात 2:00 बजे की है।

शनिवार सुबह पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 10 नंबर आर्मेनियन स्ट्रीट में स्थित एक कपड़े की बड़ी गोदाम में सबसे पहले आग लगी थी। रात का समय होने की वजह से इस बारे में किसी को जल्दी जानकारी नहीं मिल सकी और कागज के कार्टून, कपड़े, प्लास्टिक और अन्य ज्वलनशील सामानों की मौजूदगी के कारण आग काफी तेजी से फैली।

जब गोदाम से आग की तेज लपटें निकलने लगीं तब जाकर स्थानीय लोगों को इस बारे में जानकारी मिली। धुएं के गुब्बार की वजह से पूरे क्षेत्र में लोगों को परेशानी होने लगी थी। आनन-फानन में अग्निशमन विभाग को इस बारे में सूचना दी गई। एक के बाद एक अग्निशमन विभाग की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंची और करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद शनिवार सुबह 6 बजे के करीब आग पर काबू पाया जा सका। बड़ा बाजार की गलियां काफी संकरी और सड़कों पर चारों ओर तारों का जंजाल लगे रहने की वजह से अग्निशमन विभाग की गाड़ियों को मौके पर पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसकी भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस आग में जलकर पूरा गोदाम तो खाक हो ही गया है, पास की एक इमारत में भी आग फैल गई थी।

हालांकि अग्निशमन विभाग की तत्परता की वजह से इसे और अधिक फैलने से रोक दिया गया और काबू किया गया। रात भर अग्निशमन कर्मियों की मशक्कत के बाद सुबह के समय इस पर काबू पाया जा सका। घटना के बाद कोलकाता पुलिस की आपदा प्रबंधन टीम भी मौके पर पहुंच गई थी और इलाके से महिलाओं और बच्चों को दूर ले जाने की कोशिश भी तेज कर दी गई थी। हालांकि जब अग्निशमन विभाग ने आग को फैलने से रोक दिया तब धूएं से कुछ राहत मिली और लोगों को वापस लौटाया जा सका। किस वजह से आग लगी थी यह भी पता नहीं चल सका है।

अंदाजा लगाया जा रहा है कि अग्निकांड में लाखों रुपये का माल जलकर खाक हो गया है। बताया गया है कि गोदाम में बच्चों के कपड़े, स्वेटर, खिलौने और कई अन्य सामान मौजूद कर रखे गए थे जो आग में जलकर खाक हो गए हैं। हालांकि घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

मौके पर पहुंचे अग्निशमन मंत्री और आला अधिकारी -आग लगने की सूचना मिलने के बाद राज्य के अग्निशमन मंत्री सुजीत बोस और अग्निशमन विभाग के डीजी जगमोहन भी मौके पर पहुंचे। मंत्री ने घटना की जांच का निर्देश दिया है।

स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि रात के समय ठंड की वजह से कुछ स्थानीय युवक आसपास मौजूद पुराने कार्टून को जलाकर आग ताप रहे थे। अग्निशमन विभाग का अंदाजा है कि संभवत: उसी वजह से आग फैली थी। बहरहाल इसकी वजह को समझने के लिए इलाके का सीसीटीवी फुटेज तो खंगाला ही जा रहा है, आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। उल्लेखनीय है कि पिछले कई महीनों से कोलकाता में आग का कहर बरपा हुआ है। रोज ही कहीं ना कहीं छोटी या बड़ी आग लगने की घटनाएं घट रही हैं।

इसी बड़ाबाजार इलाके के 71 नंबर कैनिंग स्ट्रीट में स्थित दवाओं के थोक कारोबार के लिए विख्यात बागड़ी मार्केट में पिछले साल 16 सितंबर को भयावह आग लग गई थी। छह मंजिली इमारत में लगी इस आग को बुझाने में अग्निशमन विभाग की 37 गाड़ियों को 84 घंटे से अधिक का समय लगा था। 250 दमकल कर्मियों ने लगातार मशक्कत की थी जिसके बाद आग को काबू किया जा सका था। उसमें करीब 1000 दुकानें और गोदामों में मौजूद सैकड़ों करोड़ रुपये की दवाइयां और अन्य सामान जलकर खाक हो गए थे। यह मार्केट आज तक दोबारा नहीं खुल सकी है। वहां भी आग देर रात को ही लगी थी।

अब एक बार फिर देर रात के समय इस विश्वविख्यात बड़ाबाजार की एक और गोदाम में भयावह आग लगने की घटना सामने आई है। मंत्री के निर्देश के बाद पुलिस और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने मामले जांच शुरू कर दी है।  

Posted By: Preeti jha