यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Kolkata News: बंगाल सरकार ने NCRB को राजनीतिक हत्या की घटनाओं के दिए गलत आंकड़े, RTI में हुए कई बड़े खुलासे
NCRB की रिपोर्ट के मुताबिक बंगाल में साल 2021 में राजनीतिक हत्या की 7 घटनाएं हुई थीं जबकि RTI से ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल सरकार की ओर से नेशनल क्राइम रिकार्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) को राज्य में राजनीतिक हिंसा और हत्या की घटनाओं के गलत आंकड़े दिए गए हैं। विश्वनाथ गोस्वामी नामक व्यक्ति की ओर से सूचना का अधिकार (RTI) कानून के तहत बंगाल के पुलिस प्रशासन से मांगी गई जानकारी में इसका खुलासा हुआ है।
9 जिलों में हुईं थीं 60 घटनाएं
NCRB की रिपोर्ट के मुताबिक बंगाल में साल 2021 में राजनीतिक हत्या की 7 घटनाएं हुई थीं जबकि RTI से जो तथ्य मिले हैं, उसके मुताबिक उस साल बंगाल के 9 जिलों में ही राजनीतिक हत्या की 60 घटनाएं हुई थीं।
NCRB की रिपोर्ट में उस साल बंगाल में राजनीतिक हिंसा की सिर्फ 34 घटनाओं का उल्लेख किया गया है जबकि RTI से मिली जानकारी में यह आंकड़ा 1017 का है। 2022 के पहले 6 महीने में बंगाल में दो राजनीतिक हत्याएं हुई थीं और राजनीतिक हिंसा की 55 घटनाएं हुई थीं।
RTI कार्यकर्ता विश्वनाथ गोस्वामी ने बंगाल के 30 पुलिस डिस्ट्रिक्ट प्रबंधन के पास जानकारी के लिए आवेदन किया था। 12 से ज्यादा पुलिस डिस्ट्रिक्ट ने इसका कोई ब्योरा नहीं दिया है। उनमें से कुछ का दावा है कि उनके अधिकार क्षेत्र में राजनीतिक हिंसा और हत्या की कोई घटना नहीं हुई है।
विश्वनाथ गोस्वामी ने लगाए आरोप
विश्वनाथ गोस्वामी का आरोप है कि बंगाल में आपराधिक घटनाओं को दबाया जा सकता है, उनसे जुड़े तथ्यों को छिपाया जा रहा है। पुलिस हिरासत में मौत के मामलों को भी दबा दिया जाता है। इस विकट परिस्थिति में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और अदालत के हस्तक्षेप की जरुरत है।
राज्य सरकार ने सूचना आयोग को पूरी तरह से अपने नियंत्रण में किया हुआ है। सूचना आयोग को पुलिस चला रही है, जो राज्य सचिवालय के निर्देश पर काम कर रही है।
