उत्तराखंड ट्रेकिंग हादसा: केदारताल में लापता 8 पर्वतारोहियों में से 4 के शव बरामद, बांकुड़ा में मातम
उत्तराखंड के केदारताल में बर्फीले तूफान के कारण हुए ट्रेकिंग हादसे में लापता आठ पर्वतारोहियों में से चार के शव ...और पढ़ें

केदारताल मार्ग पर ट्रेकिंग के दौरान लापता आठ ट्रेकरों में से पांच पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के रहने वाले हैं।
HighLights
बर्फीले तूफान में फंसे आठ ट्रेकरों में से पांच बांकुड़ा से।
लापता लोगों की तलाश में एसडीआरएफ का बड़ा अभियान जारी।
जासं, खड़गपुर। उत्तराखंड के केदारताल मार्ग पर ट्रेकिंग के दौरान भीषण बर्फीले तूफान में फंसे आठ पर्वतारोहियों में से चार के शव बुधवार सुबह तक बरामद कर लिए गए हैं।
लापता आठ ट्रेकरों में से पांच पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के रहने वाले हैं। हालांकि, बरामद किए गए शवों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, जिससे परिजनों की चिंताएं गहराती जा रही हैं।
12 सदस्यीय दल का था अभियान
जानकारी के अनुसार, लक्ष्मी पूजा से एक दिन पहले बांकुड़ा के शालबनी गांव से चार और केशरा गांव से एक व्यक्ति गंगोत्री से केदारताल तक के ट्रेक पर निकले थे।
इस 12 सदस्यीय दल में बांकुड़ा के पांच लोगों के अलावा लखनऊ की दो महिलाएं, उत्तरकाशी का एक पुरुष और चार स्थानीय गाइड व पोर्टर शामिल थे।
लगभग 4,000 मीटर की ऊंचाई पर अचानक आए तेज बर्फीले तूफान ने पूरे दल को अपनी चपेट में ले लिया। किसी तरह चार पोर्टर और शेरपा सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचने में सफल रहे, लेकिन दल के बाकी आठ सदस्य लापता हो गए।
उत्तराखंड के लिए रवाना हुए परिजन
घटना के बाद एसडीआरएफ (SDRF) ने हेलीकॉप्टर के जरिए लापता लोगों की तलाश में बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। मंगलवार को दो शव बरामद किए गए थे, जबकि बुधवार सुबह दो और शव मिले।
समय बीतने के साथ बांकुड़ा में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थिति का जायजा लेने और अपनों की खोजखबर के लिए बांकुड़ा से लापता पांचों ट्रेकरों के परिवार के आठ सदस्य मंगलवार को उत्तराखंड के लिए रवाना हो चुके हैं।
फिलहाल सभी की नजरें प्रशासन के रेस्क्यू और पहचान प्रक्रिया पर टिकी हैं। इस घटना के बाद बांकुड़ा में मातम पसरा है।