राज्य ब्यूरो, कोलकाता : बंगाल की राजधानी कोलकाता से हाल में जमात-उल- मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के तीन आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद लगातार कई चौकाने वाले खुलासे हो रहे है। आतंकियों से पूछताछ में पता चला कि करीब एक साल पहले जेएमबी से जुड़े करीब 15 लोगों का समूह बांग्लादेश के साथ लगते बंगाल सीमा के जरिए भारत में घुसपैठ किया था। इनमें से पांच बंगाल में रूकने के साथ बाकी आतंकी दूसरे राज्यों में चले गए। आशंका है कि इनमें से कुछ जेएमबी आतंकी दक्षिण भारत के शहरों में अपना ठिकाना बना चुके है।

गौरतलब है कि बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा में तैनात बीएसएफ ने भी हाल में सीमा पार करते पकड़े गए कई बांग्लादेशी नागरिकों के हवाले से दावा किया है कि अब ज्यादातर घुसपैठिए दक्षिण भारत के शहरों में ही रोजगार के लिए जा रहे हैं। तमिलनाडु, केरल व कर्नाटक जैसे राज्यों में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी अपनी पहचान छिपाकर मजदूरी व विभिन्न प्रकार के पेशे से जुड़े हैं। ऐसे में दक्षिण भारत में न सिर्फ घुसपैठिए बल्कि जेएमबी आतंकी भी पैर पसार चुके हैं। गौरतलब है कि इससे पहले बेंगलुरु व अन्य शहरों से जेएमबी के कई खूंखार आतंकियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।अक्टूबर 2014 में बंगाल के बर्द्धमान जिले के खागरागढ़ में हुए विस्फोट के बाद एनआइए की जांच में जेएमबी की भारत में मौजूदगी व बड़े नेटवर्क का हुआ था। खासकर बंगाल के विभिन्न हिस्से से जेएमबी के दो दर्जन से ज्यादा आतंकियों की गिरफ्तारी हुई थी।

बेंगलुरु से जेएमबी के दो इनामी आतंकी की हो चुकी है गिरफ्तारी

खागरागढ़ विस्फोट के मामले प्रमुख अभियुक्तों में से एक हबीबुर रहमान शेख को एनआइए ने जून, 2019 में बेंगलुरु से गिरफ्तार किया था। उस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इससे पहले एनआइए ने अगस्त, 2018 में जेएमबी के भारत में शीर्ष नेता व कुख्यात आतंकी शेख कौसर को भी‌ बेंगलुरु से ही गिरफ्तार किया था। वह बर्द्धमान के साथ बिहार के बोधगया विस्फोट मामले में भी वांछित था और उस पर एनआइए ने 10 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। बेंगलुरु के रामनगर इलाके में वह अपनी दो बीवियों के साथ रहता था। इस प्रकार देखा जाए तो बंगाल के साथ देश के अन्य हिस्सों में जेएमबी आतंकी अपनी जड़े जमा चुके है। उसके नेटवर्क को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सका है।

Edited By: Vijay Kumar