राज्य ब्यूरो, कोलकाता : कोलकाता के हरिदेवपुर इलाके से एसटीएफ द्वारा रविवार को गिरफ्तार किए गए जमात- उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के तीनों आतंकियों से पूछताछ में पुलिस को उसके दो लिंकमैन के बारे में भी जानकारी मिली है। इनके नाम शेख शकील और सलीम मुंशी बताए जा रहे है। गिरफ्तार तीनों आतंकी नजीउर रहमान, शेख शब्बीर और रबीउल के लिंकमैन के रूप में दोनों काम कर रहे थे।

तीनों आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद से ये दोनों फरार है। एसटीएफ सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में पता चला है कि हरिदेवपुर में जिस किराए के मकान में तीनों आतंकी रह रहे थे वह घर सलीम मुंशी ने ही दिलवाया था। वहीं, तीनों आतंकियों का भारतीय आधार कार्ड शेख शकील ने बनवाया था। जांच में पता चला है कि तीनों आतंकियों का सलीम मुंशी से परिचय शेख शकील ने ही करवाया था। दोनों लिंकमैन की एसटीएफ तलाश कर रही है।

जांच में यह भी पता चला है कि बांग्लादेश में जेएमबी के एक बड़े कमांडर तस्लीम के निर्देश पर ही तीनों आतंकी अवैध तरीके से भारत में घुसे थे। इनके साथ और भी कई लोग थे जो देश के दूसरे हिस्से में चले गए। वहीं, दक्षिण कोलकाता के हरिदेवपुर में जिस किराए के मकान में तीनों रह रहे थे, वे खुद को भारतीय बताते थे। अधिकारियों की माने तो स्थानीय लोगों को ये तीनों छाता मरम्मत करने वाले और फल व कपड़ा विक्रेता के रूप में अपना परिचय देते थे। इसकी आड़ में ये लोग महानगर के विभिन्न इलाकों की रेकी करते थे और अपने संगठन से जोड़ने के लिए युवाओं का ब्रेनवाश करते थे।

गौरतलब है कि नजीउर रहमान (30) बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) का जवान भी रह चुका है।एसटीएफ सूत्रों के अनुसार, बीजीबी में काम करते वक्त उसे विस्फोटक रखने के मामले में गिरफ्तार किया गया था और आतंकी क्रियाकलाप से जुड़े होने के आरोप उसपर लगे थे।इसके बाद उसे बीजीबी ने नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। वह तीन वर्ष जेल की सजा भी काट चुका है। जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद वह जेएमबी से जुड़कर सक्रिय तौर पर काम करने लगा। नजीउर का चचेरा भाई अल अमीन बांग्लादेश में जेएमबी का बड़ा नेता है। वह जेएमबी के फंड मैनेजर के तौर पर काम करता है। अल अमीन फिलहाल जेल में बंद है और जेल से ही वह संगठन के विस्तार और फंड मैनेजमेंट का काम देख रहा है।

Edited By: Vijay Kumar