जागरण संवाददाता, कोलकाता : कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। बाबूघाट से जमात उल मुजाहिदीन (जेएमबी) बांग्लादेश के संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया गया है। उसके पास से कई अहम दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। उस पर बौद्ध गया विस्फोट में शामिल होने का आरोप है। एसटीएफ ने संदिग्ध आतंकी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।

सूत्रों के अनुसार मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ ने शनिवार भोर में बाबूघाट इलाके में घेराबंदी कर जेएमबी के संदिग्ध आतंकी को दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम आरिफुल इस्लाम (21) उर्फ आरिफ उर्फ मोटा अनास उर्फ शाहिद निवासी असम का बरपेटा बताया। उसके पास से एक ब्लू प्रिंट समेत कई अहम दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। पूछताछ में आरिफुल ने सनसनीखेज खुलासा किया है। बताया कि जेएमबी में शामिल होने से पहले वह ट्रक में खलासी का काम करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात जेएमबी के सक्रिय सदस्य कौसर अली और अब्दुल मतीन से हुई थी। कौसर भारत में जेएमबी का मुखिया था।

इसके बाद ही वह जेएमबी में शामिल हो गया था। आरिफुल जनवरी 2013 में कौसर, आदिल, छोटा करीम और उमर के साथ बौद्ध गया में रैकी करने गया था। इसके बाद गया विस्फोट को अंजाम देने के बाद वह बेंगलुरु में जाकर भूमिगत हो गया था। पूछताछ में पता चला कि जेल में बंद जेएमबी आतंकी कौसर को भगाने के लिए आरिफुल कोलकाता में रैकी करने आया था। इसके लिए वह ब्लू प्रिंट भी तैयार करने की फिराक में था। योजना थी जेल से अदालत में पेशी के दौरान कौसर को भगा ले जाने की। वह अपना नाम बदल बदल कर रह रहा था। एसटीएफ ने संदिग्ध आतंकी आरिफुल को बैंकशाल अदालत में पेश किया, जहां से उसे एक माह के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। एसटीएफ ने आरिफुल का खागड़ागढ़ विस्फोट के साथ तो संपर्क नहीं था इसकी जांच शुरू कर दी है। उधर, आरिफुल की गिरफ्तारी के बाद एनआइए, कर्नाटक पुलिस समेत बांग्लादेश पुलिस ने भी एसटीएफ से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।

आतंकी मतीन से पूछताछ में आया था आरिफुल का नाम
केरल के मल्लापुरम से गत 2 फरवरी को जेएमबी आतंकी अब्दुल मतीन की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में एसटीएफ के हाथ कई अहम तथ्य लगे थे। मतीन भी असम के बरपेटा का निवासी है। वह पढ़ाई के लिए मालदा जिले के कालियाचक में शेरसा मदरसा में आया था। इसी दौरान वह जियाउल और मौलाना युसूफ का हाथ पकड़कर जेएमबी में शामिल हो गया था। इसके बाद मतीन ने ब‌र्द्धमान के सिमुलिया मदरसा में युसूफ से प्रशिक्षण लिया था। साथ ही नासिरउल्लाह से बम बनाने का प्रशिक्षण भी लिया था। पूछताछ में उसने आरिफुल के नाम का खुलासा किया था।

पता चला था कि बौद्ध गया विस्फोट में आरिफुल की सक्रिय भूमिका थी। एसटीएफ को मिले दस्तावेज से पता चला कि आरिफुल का कौसर के साथ करीबी रिश्ता था। गत वर्ष अगस्त में कौसर को कर्नाटक के रामाडांगा से गिरफ्तार किया गया था। उस वक्त उसका नाम मनिरुल था। इसके बाद एनआइए ने जांच शुरू की तो कौसर के कई नाम सामने आए। पता चला था कि असल में कौसर ही जईदुल इस्लाम उर्फ बोमारु मिजान है। उसे विस्फोटक तैयार करने में विशेषज्ञता हासिल थी। जेएमबी के मुखिया सलाउद्दीन ने कौसर को भारत में संगठन की जिम्मेदारी सौंपी थी। कौसर ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद, मालदा समेत कई जिलों में जमात उल मुजाहिदीन इंडिया के कई मॉड्यूल भी तैयार किए थे।

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