जादवपुर विश्वविद्यालय पीएचडी दाखिला विवाद, बंगाल के उच्च शिक्षा विभाग ने मांगा पिछले पांच साल का ब्योरा
जादवपुर विश्वविद्यालय में पीएचडी दाखिले में कथित अनियमितताओं की शिकायतों के बाद, उच्च शिक्षा विभाग ने पिछले पांच वर्षों का दाखिला और शोध संबंधी पूरा ब्योरा मांगा है।

जादवपुर विश्वविद्यालय में पीएचडी दाखिला विवाद (फाइल फोटो)
HighLights
जादवपुर विश्वविद्यालय में पीएचडी दाखिले में अनियमितताओं के आरोप।
उच्च शिक्षा विभाग ने पांच साल का विस्तृत ब्योरा मांगा।
पांच विभागों से शोधार्थियों की संख्या और प्रक्रिया की जानकारी।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। जादवपुर विश्वविद्यालय के कला विभाग के पांच विषयों में पीएचडी में कथित अनियमितताओं की शिकायतों के बीच राज्य के उच्चशिक्षा विभाग ने पिछले पांच वर्षों का दाखिला और शोध संबंधी पूरा ब्योरा तलब किया है। विश्वविद्यालय को इस संबंध में पत्र भेजकर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है।
उच्चशिक्षा विभाग ने बांग्ला, अंग्रेजी, शिक्षाविज्ञान, तुलनात्मक साहित्य और अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग में पिछले पांच वर्षों में पीएचडी में कितने शोधार्थी दाखिल या पंजीकृत हुए, उन्हें किस प्रक्रिया के तहत दाखिला दिया गया और किस गाइड के अधीन कितने शोधार्थी काम कर रहे हैं या कर चुके हैं, इसकी जानकारी मांगी है।
प्रत्येक शिक्षावर्ष और पांच वर्षों के लिए अलग-अलग एक गाइड के अधीन शोधार्थियों की संख्या भी मांगी गई है। विश्वविद्यालय के एक अधिकारी के अनुसार, पीएचडी में दाखिले और शोध से जुड़ी प्रक्रियाओं को लेकर उच्चशिक्षा विभाग में कई शिकायतें मिली थीं।
एबीवीपी की ओर से भी जून से दाखिले में कथित अनियमितताओं को लेकर शिकायत की जा रही थी। संगठन ने मामले की व्यापक जांच की मांग की है।
विश्वविद्यालय जुटा रहा जानकारी
दूसरी ओर, शिक्षकों के एक वर्ग ने आरोपों की सत्यता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि पीएचडी में दाखिला निर्धारित नियमों के तहत ही होता है। उनके अनुसार, अभ्यर्थियों को पहले साक्षात्कार बोर्ड और फिर डाक्टरेट या पीएचडी समिति की प्रक्रिया से गुजरना होता है। इसके बाद कुलपति की मंजूरी से शोध शुरू होता है।
शिक्षकों ने कहा कि 2016 और बाद में 2022 के यूजीसी नियमों के अनुसार दाखिले हुए हैं और जांच से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
जादवपुर विश्वविद्यालय के कार्यवाहक रजिस्ट्रार देबजीत दत्त ने बताया कि उच्चशिक्षा विभाग का पत्र मिला है। उसके आधार पर आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है और जल्द ही विभाग को भेज दी जाएगी।
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