जादवपुर विश्वविद्यालय में 15 अक्टूबर से सेवानिवृत्त गैर-शिक्षण कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति बंद, कुलपति ने दिया आदेश
जादवपुर विश्वविद्यालय ने 15 अक्टूबर से सेवानिवृत्त गैर-शिक्षण कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति बंद करने का फैसला किया है।
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जादवपुर विश्वविद्यालय ने पुनर्नियुक्ति व्यवस्था 15 अक्टूबर से बंद की
HighLights
जादवपुर विश्वविद्यालय ने पुनर्नियुक्ति व्यवस्था 15 अक्टूबर से बंद की
लगभग 70 सेवानिवृत्त गैर-शिक्षण कर्मचारी इस फैसले से प्रभावित होंगे
शिक्षक संघ ने शोध और प्रयोगशाला कार्यों पर असर की आशंका जताई
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। जादवपुर विश्वविद्यालय ने सेवानिवृत्त गैर-शिक्षण कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति या दोबारा सेवा में रखने की व्यवस्था बंद करने का फैसला किया है।
विश्वविद्यालय के कार्यवाहक रजिस्ट्रार की ओर से नौ अक्टूबर को जारी आधिकारिक परिपत्र के अनुसार, कुलपति के आदेश पर लिया गया यह निर्णय 15 अक्टूबर से प्रभावी होगा।
70 सेवानिवृत्त गैर-शिक्षण कर्मचारी होंगे प्रभावित
फिलहाल पुनर्नियुक्ति पर काम कर रहे सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों का कार्यकाल 14 अक्टूबर को समाप्त हो जाएगा।विश्वविद्यालय अब पुनर्नियुक्ति के लिए नए आवेदन भी स्वीकार नहीं करेगा। विश्वविद्यालय के सूत्रों के अनुसार, इस फैसले से करीब 70 कर्मचारी प्रभावित होंगे।
जादवपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (जुटा) के महासचिव पार्थ प्रतिम राय ने फैसले का विरोध किया है। उनका कहना है कि इससे प्रयोगशालाओं में कामकाज और शोध गतिविधियां प्रभावित होंगी। सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सेवाएं बंद होने से विश्वविद्यालय के कई कार्यों पर असर पड़ सकता है।
निजी एजेंसियों से काम कराने पर सवाल
पार्थ प्रतिम राय ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय अकुशल कार्यों को निजी एजेंसियों के जरिए कराने की दिशा में बढ़ रहा है, जबकि इससे खर्च बढ़ सकता है।
उनके अनुसार, इस व्यवस्था से शोध गतिविधियों में और बाधा आ सकती है। हालांकि, विश्वविद्यालय ने अपने परिपत्र में फैसले के पीछे कर्मचारियों से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया है।
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