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बंगाल: दुर्गापूजा पास घोटाले में गिरफ्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे इंद्रनील सेन, मांगी अग्रिम जमानत

Published: Mon, 19 Oct 2026 12:48 PM (IST)

बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन ने दुर्गापूजा पास बिक्री में भ्रष्टाचार के मामले में अग्रिम जमानत के लिए सुप्रीम ...और पढ़ें

गिरफ्तारी की आशंका के बीच इंद्रनील पहुंचे सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)

गिरफ्तारी की आशंका के बीच इंद्रनील पहुंचे सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)

HighLights

  1. इंद्रनील सेन ने सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत मांगी।

  2. कलकत्ता हाई कोर्ट ने पहले जमानत याचिका खारिज की थी।

  3. दुर्गापूजा पास बिक्री में भ्रष्टाचार का आरोप है।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता । बंगाल के पूर्व मंत्री व गायक इंद्रनील सेन ने दुर्गापूजा पास बिक्री में भ्रष्टाचार के मामले में अग्रिम जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इससे पहले गत 15 अक्टूबर को कलकत्ता हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

गिरफ्तारी की आशंका के बीच उन्होंने शीर्ष अदालत से राहत मांगी है। दुर्गापूजा के दौरान सुप्रीम कोर्ट में अवकाश होने के कारण मामले की सुनवाई अदालत खुलने के बाद होने की संभावना है।

इंद्रनील सेन के खिलाफ इस मामले में कोलकाता के बहूबाजार थाने में गत नौ जून को प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। आरोप है कि मास आर्ट नामक संस्था का यूनेस्को से संबंध होने का दावा कर दुर्गापूजा के प्रीव्यू शो के टिकट बेचकर लोगों से रुपये जुटाए गए। इंद्रनील की पत्नी इस संस्था से जुड़ी थीं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की थी। बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी मामले की जांच शुरू की।

53.46 करोड़ रुपये के टेंडर की भी जांच

मामले में राज्य सरकार ने हाई कोर्ट में आरोप लगाया था कि पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार में सूचना एवं संस्कृति विभाग के टेंडर की राशि विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से दूसरी जगह भेजी गई। आरोप के मुताबिक, 53.46 करोड़ रुपये का टेंडर जीआइडीआइ क्रिएशन को दिया गया था, जिसमें से 50.31 करोड़ रुपये थर्ड लाइन क्रिएशन को हस्तांतरित किए गए।

राज्य का दावा है कि मास आर्ट समेत कुछ संस्थाओं के माध्यम से इंद्रनील और उनके परिवार से जुड़े खातों तक भी रकम पहुंची।

हाई कोर्ट ने अपने पर्यवेक्षण में कहा था कि इंद्रनील का इन कंपनियों से संबंध होने के शुरुआती साक्ष्य सामने आए हैं। सरकारी पद पर रहते हुए अधिकारों के दुरुपयोग और सरकारी धन से परिवार के सदस्यों को आर्थिक लाभ पहुंचाने के आरोपों की जांच जरूरी है। हालांकि, ये आरोप हैं और मामले में जांच जारी है।

ईडी को 50 से 60 करोड़ रुपये की गड़बड़ी का संदेह

ईडी दुर्गापूजा के वीआइपी पास की बिक्री के अलावा फिल्म महोत्सव, कोलकाता पुस्तक मेले और करीबी संस्थाओं को कथित तौर पर अनुचित तरीके से टेंडर दिलाने से जुड़े आरोपों की भी जांच कर रही है।

एजेंसी को शुरुआती जांच में 50 से 60 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता का संदेह है। इंद्रनील से ईडी दो बार पूछताछ कर चुकी है। इससे पहले उनके कसबा स्थित आवास और सिंगुर के बागानबाड़ी समेत कई ठिकानों पर तलाशी भी ली गई थी।