जागरण संवाददाता, कोलकाता : सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को पता है कि तीनों विधानसभा सीटों के उपचुनाव में उसकी हार होने वाली है, इसलिए उसने हिंसा का सहारा लिया। तृणमूल कांग्रेस ने लोकतंत्र में विश्वास खो दिया है। ममता बनर्जी के शासनकाल में नदिया जिले की करीमपुर विधानसभा सीट के भाजपा उम्मीदवार जय प्रकाश मजूमदार पर जिस तरह से हमला किया गया, ऐसा माकपा के 34 साल के शासनकाल में भी नहीं हुआ था। देश के किसी राज्य में ऐसा नहीं हुआ है। जब एक उम्मीदवार को इस तरह से मारा-पीटा जा रहा है तो इस राज्य में और क्या हो सकता है, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। उपचुनाव में तृणमूल नेता एवं पुलिस ने मिलकर मतदान में बाधा पहुंचाई। भाजपा नेता मुकुल राय ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में ये आरोप लगाए। करीमपुर की घटना के लिए मुकुल राय ने नदिया के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने इन दोनों प्रशासनिक अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है। उम्मीदवार पर हमले की घटना को लेकर भाजपा ने मुख्य चुनाव अधिकारी को ई-मेल के माध्यम से शिकायत की है। मुकुल ने आरोप लगाया कि कालियागंज एवं खड़गपुर सदर विधानसभा सीट पर भी सत्तारूढ़ दल ने पुलिस के साथ मिलकर धांधली की। इसके साथ ही मुकुल राय ने दावा किया कि सत्तारूढ़ दल के लाख बाधा के बावजूद इन तीनों सीटों पर भाजपा को जीत हासिल होगी, क्योंकि जनता भाजपा के साथ है।

मतदान के दौरान ही इस दिन भाजपा ने बंगाल की तीन विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव में गड़बड़ी रोकने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा से अविलंब हस्तक्षेप का आग्रह किया। इस बाबत भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य मुकुल राय तथा प्रदेश कार्यकारिणी समिति के सदस्य शिशिर बाजोरिया ने मुख्य चुनाव अधिकारी, पश्चिम बंगाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। भाजपा का आरोप है कि सत्तारूढ़ तृणमूल काग्रेस राज्य पुलिस की मदद से मतदान में गड़बड़ी की। तृणमूल ने काफी संख्या में बाहरी लोगों को मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए बुला रखा था। उन्होंने मतदाताओं को धमकाया। कालियागंज, करीमपुर और खड़गपुर सदर विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुआ।

Posted By: Jagran

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