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'सनातनी की पहचान तय करना पुलिस का काम नहीं', बोले कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंद 

Published: Fri, 23 Oct 2026 05:55 PM (IST)

कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंद ने मुख्यमंत्री के दुर्गा प्रतिमा विसर्जन संबंधी बयान पर स्थिति स्पष्ट की है।

पुलिस आयुक्त ने मुख्यमंत्री के बयान पर स्थिति स्पष्ट की

पुलिस आयुक्त ने मुख्यमंत्री के बयान पर स्थिति स्पष्ट की

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जागरण संवाददाता, कोलकाता। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान केवल सनातन धर्म में आस्था रखने वालों को ही प्रतिमा छूने देने संबंधी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बयान पर कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंद ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि विसर्जन में कौन शामिल होगा, यह संबंधित पूजा कमेटियां तय करती हैं।

पुलिस की भूमिका कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित है। हालांकि, मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पूजा कमेटियों को नियमों के अनुसार पूजा और विसर्जन की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।

मुख्यमंत्री के बयान पर क्या बोले पुलिस आयुक्त?

शुक्रवार को लालबाजार में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पुलिस आयुक्त से पूछा गया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद विसर्जन में शामिल होने वाले लोगों की पहचान किस तरह की जा रही है। इस पर अजय नंद ने कहा कि पुलिस की इसमें कोई भूमिका नहीं है।

विसर्जन में कौन-कौन शामिल होगा, इसका निर्णय पूजा कमेटियां अपने स्तर पर करती हैं। पुलिस कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालती है।

यह पूछे जाने पर कि आखिर कौन सनातनी है और कौन नहीं, इसकी पहचान कैसे की जाएगी, पुलिस आयुक्त ने कहा कि वह इस बारे में कुछ नहीं कह सकते। उन्होंने बताया कि पूजा कमेटियों को इस संबंध में जानकारी दे दी गई है और उनसे नियमों के अनुसार विसर्जन करने को कहा गया है।

बाबूघाट में मुख्यमंत्री ने दिया था निर्देश

गौरतलब है कि बुधवार को बाबूघाट में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि प्रतिमा को केवल वही लोग स्पर्श करें, जो सनातन धर्म में विश्वास रखते हैं।

उन्होंने कहा था कि उन्होंने कोलकाता पुलिस आयुक्त को विसर्जन में शामिल होने वालों के नाम दर्ज करने और उनकी पहचान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री ने अपने इस निर्देश को सांप्रदायिकता से जोड़ने से इनकार करते हुए इसे धार्मिक परंपरा और प्रतिमा की पवित्रता बनाए रखने का मामला बताया था।

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