'सिर्फ सनातन धर्म के अनुयायी ही करेंगे दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन', CM शुभेंदु का बड़ा एलान
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की कि हुगली नदी में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान केवल सनातन धर्म के अनुयायी ही मूर्तियों को छू सकेंगे।

हुगली में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन पर शुभेंदु अधिकारी का बयान

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राज्य ब्यूरो, कोलकाता। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को स्पष्ट किया कि हुगली नदी में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान केवल 'सनातन धर्म' के अनुयायियों को ही मूर्तियों को छूने की अनुमति होगी।
बाबूघाट पर विसर्जन की तैयारियों का जायजा लेने के बाद उन्होंने कहा कि धार्मिक परंपराओं और शास्त्रों का पूरी तरह पालन किया जाना चाहिए।
पुलिस आयुक्त अजय कुमार नंद और नगर आयुक्त स्मिता पांडेय की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि इस कदम का किसी सांप्रदायिक मामले से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि यह पवित्रता बनाए रखने के लिए है।
प्रशासन ने इस साल सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। महासप्तमी की शाम चोरबागान पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की दर्दनाक घटना के बाद सतर्कता और बढ़ा दी गई है, जिसमें 19 लोगों की जान चली गई थी।
विसर्जन प्रक्रिया की निगरानी के लिए कोलकाता और तीन पड़ोसी आयुक्तालयों में 18 वरिष्ठ आइपीएस अधिकारियों की तैनाती की गई है।
मुख्यमंत्री ने उत्तर 24 परगना जिले के टाकी में इच्छामाती नदी पर नौकाओं से विसर्जन देखने वाले पर्यटकों की सुरक्षा पर भी गहरी चिंता जताई है।
हालांकि स्थानीय भावनाओं का सम्मान करते हुए नौकाओं के संचालन की अनुमति दी गई है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा के लिए जीवन रक्षक जैकेट और वजन संतुलन के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को भी तैनात किया गया है। विसर्जन संपन्न होने के बाद 24 अक्टूबर को पानी की विशेष सफाई की जाएगी।
