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बंगाल विधानसभा उपचुनाव: 'बेटे के लिए नहीं करूंगा चुनाव प्रचार', AJUP चीफ हुमायूं कबीर ने किया एलान

Published: Mon, 21 Sep 2026 09:45 AM (IST)

एजेयूपी प्रमुख हुमायूं कबीर ने रेजीनगर उपचुनाव में अपने बेटे के लिए प्रचार न करने की घोषणा की है। उन्होंने ...और पढ़ें

AJUP प्रमुख हुमायूं कबीर। (फाइल फोटो।)

AJUP प्रमुख हुमायूं कबीर। (फाइल फोटो।)

HighLights

  1. हुमायूं कबीर ने रेजिनगर उपचुनाव में प्रचार न करने की घोषणा की।

  2. उन्होंने प्रशासन पर दुश्मनी और पक्षपात का गंभीर आरोप लगाया।

  3. एजेयूपी के कई कार्यकर्ताओं और नेताओं को गिरफ्तार किया गया।

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। रेजीनगर उपचुनाव का ड्रामा रविवार को तब और आगे बढ़ा जब एजेयूपी प्रमुख हुमायूं कबीर ने घोषणा की कि वह अपने बेटे और पार्टी उम्मीदवार गुलाम नबी आजाद के लिए प्रचार नहीं करेंगे। उन्होंने प्रशासन पर दुश्मनी का आरोप लगाया है। बता दें कि कबीर ने साढ़े चार महीने पहले यह सीट जीती थी।

कबीर का यह बयान ममता की पार्टी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी के उस बयान के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के लिए अपना नामांकन वापस लेने की बात कही थी, लेकिन कुछ ही घंटों बाद अपना बयान वापस ले लिया।

एजेयूपी प्रमुख ने क्या कहा?

हुमायूं कबीर ने कहा, "मैं जिससे भी मिलता या बात करता हूं, उसे गिरफ्तार कर लिया जाता है या धमकी दी जाती है। उन्होंने एजेयूपी के 25 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। लोग जानते हैं कि हमारा चुनाव चिह्न टेबल है। मैं वोटरों से सिर्फ सोशल मीडिया के जरिए बात करता हूं और वोट की लूट रोकने के लिए वोटिंग के दिन जमीन पर उतरता हूं।"

पुलिस पर लगाया पक्षपात का आरोप

उन्होंने आगे कहा, "हमारी पार्टी को अब प्रचार करने की जरूरत नहीं है। हम जनता का फैसला स्वीकार करेंगे।"

कबीर ने कहा, "वे भूल जाते हैं कि उन्हें संविधान का पालन करने के लिए टैक्स देने वालों से पैसे मिलते हैं न कि किसी राजनीतिक पार्टी के लिए। अगर उन्हें राजनीति में शामिल होने का इतना ही शौक है तो वे अपनी वर्दी क्यों नहीं छोड़ देते और बीजेपी के झंडे लेकर प्रचार क्यों नहीं शुरू करते? हम उनसे लड़ेंगे। उन्हें जो करना है करने दें। 6 अक्टूबर को जो भी जरूरी होगा, मैं वह करूंगा। अगर इससे 10 हत्याएं होती हैं तो हों। मेरे लोग मारे जा सकते हैं, उनके लोग भी मारे जा सकते हैं।"

पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में कबीर को रेजीनगर में 51 प्रतिशत वोट मिले और 58,876 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। उन्होंने नौदा (यह भी मुर्शिदाबाद में है) से भी जीत हासिल की और रेजीनगर सीट छोड़ने का फैसला किया।

कई नेता गिरफ्तार

उपचुनाव से पहले शनिवार रात और रविवार सुबह के बीच मंजूर रहमान, हक मल्लिक, अब्दुल अलीम और मोहम्मद नसीम शेख समेत एजेयूपी के कई वरिष्ठ नेताओं को गिरफ्तार किया गया। कबीर ने कहा, "नसीम मेरे दूर के रिश्तेदार हैं और पूर्व सैनिक हैं। अब वे एक बिजनेस चलाते हैं। उन्हें भी फंसाया जा रहा है।"

ममता की पार्टी तृणमूल के उम्मीदवार चौधरी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की एक लिस्ट जारी की और कहा कि वे उनके लिए प्रचार करेंगे। पार्टी विधायक कुणाल घोष का भी नाम लिस्ट में था। घोष ने कहा, "अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न वापस पाने की एक बड़ी लड़ाई सामने है। यह हमारे लिए एक भावनात्मक मुद्दा है।"

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