जागरण संवाददाता, हावड़ा : ठीक 74 साल पहले 3 फरवरी, 1943 को गेटवे ऑफ कोलकाता के नाम से मशहूर हावड़ा ब्रिज पर आम यातायात शुरू हुआ था। उस दिन इसे आम लोगों के लिए खोला दिया गया था। शनिवार को हावड़ा ब्रिज 75 साल का हो गया। आज भी वह शान से कोलकाता व हावड़ा के बीच सड़क मार्ग को जोड़े खड़ा है।

इस अवसर पर शनिवार को एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें केक काटकर हावड़ा ब्रिज का 75वां जन्मदिन बेहद उत्साह व उल्लास से मनाया गया। शनिवार को लायंस क्लब ऑफ हावड़ा की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में ब्रिज की विशेष सजावट की गई थी। ब्रिज को पहली बार रंग-बिरंगे पताकों से सजा देख दैनिक यात्री भी खुश दिखें।

उल्लेखनीय है कि 105 मीटर लंबा हावड़ा ब्रिज विश्व के सबसे व्यस्त ब्रिजों में शुमार है। कैंटीलीवर (बाहुधारक) तकनीक पर आधारित हावड़ा ब्रिज से होकर प्रत्येक दिन एक लाख 20 हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। वहीं पांच लाख से भी ज्यादा दैनिक यात्री इस ब्रिज का इस्तेमाल महानगर व समीपवर्ती इलाके में आने-जाने के लिए करते हैं। हावड़ा ब्रिज की ऊंचाई 82 मीटर है। ब्रिज का निर्माण कार्य अंग्रेजों के शासन में 1936 में शुरू हुआ था। 1942 में ब्रिज बनकर तैयार हुआ था और 1943 में इसे आम लोगों के लिए खोला गया। हावड़ा ब्रिज का नाम बाद में बदलकर नोबल विजेता कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर के नाम पर रवींद्र सेतु रखा गया। वर्तमान में कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट हावड़ा ब्रिज की देखरेख करता है। उल्लेखनीय है कि हावड़ा ब्रिज पूर्ण रूप से टॉल फ्री है, यानी इस ब्रिज से गुजरने के लिए किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ता है।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस