बंगाल: हावड़ा बोटैनिकल गार्डन में अनोखा प्रयोग, विशाल वाटर लिली के पत्तों पर बैठकर पानी में तैर रहे लोग
हावड़ा के भारतीय बोटैनिकल गार्डन में विशाल विक्टोरिया अमेजोनिका के पत्तों पर लोगों को बैठाने का अनोखा प्रयोग शुरू हुआ है।

हावड़ा बोटैनिकल गार्डन में अनोखा प्रयोग (AI जेनरेटेड फोटो)
HighLights
हावड़ा बोटैनिकल गार्डन में विशाल विक्टोरिया अमेजोनिका पत्तों पर अनोखा प्रयोग।
सुरक्षा जांच उपरांत 250 से अधिक लोग हुए प्रयोग में शामिल।
ये विशाल पत्ते 100 किलोग्राम तक का भार सह सकते हैं।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। हावड़ा स्थित भारतीय बोटैनिकल गार्डन में दुनिया के बड़े जलीय पौधों में शामिल विक्टोरिया अमेजोनिका के विशाल पत्तों पर लोगों को बैठाने का प्रयोग शुरू किया गया है।
इसके तहत आगंतुकों को पत्ते पर रखे चार किलोग्राम वजन वाले ऐक्रेलिक बोर्ड पर बैठाया जाता है। बोर्ड के जरिए वजन समान रूप से वितरित किया जाता है, जिससे पत्ते को नुकसान न पहुंचे।
वनस्पतिशास्त्री आर सरवनन के अनुसार, सुरक्षा जांच के बाद इस प्रयोग को मंजूरी दी गई है। अब तक करीब 250 लोग इसमें हिस्सा ले चुके हैं। इनमें 96 किलोग्राम वजन वाले व्यक्ति, 11 महीने के बच्चे और 90 वर्ष तक के बुजुर्ग शामिल हैं।
उद्यान प्रशासन के अनुसार, उपयुक्त परिस्थितियों में ये पत्ते 100 किलोग्राम तक का भार सहन कर सकते हैं। लगभग दो मीटर व्यास वाले इन पत्तों के किनारे उठे हुए होते हैं।
नीचे की ओर मजबूत नसों और खोखली पसलियों का जाल होता है, जो पत्ते को सहारा देता है और पानी पर तैरने में मदद करता है।
2019 में दोबारा उगाई गई प्रजाति
विक्टोरिया अमेजोनिका को करीब 176 वर्ष पहले भारतीय बोटैनिकल गार्डन में लाया गया था। बीच के वर्षों में यह प्रजाति उद्यान से विलुप्त हो गई थी। वर्ष 2019 में आंध्र प्रदेश के योगी वेमना विश्वविद्यालय से बीज लाकर इसे दोबारा उगाया गया।
उद्यान प्रशासन के अनुसार, जब पौधे में कली आने लगती है और फूल खिलने का मौसम होता है, तब पत्तों पर बैठाने का प्रयोग रोक दिया जाता है। इसका उद्देश्य पौधे को नुकसान से बचाना है।
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